दिन में मैंने नौकर से कर लिया तो मेरी बॉडी काफी हल्की हल्की हो गई। फिर शाम तक जो गाँव के लोग आए थे वो सब चले गए। फिर मैंने खाना बनाया और बाकी घर का काम किया। फिर मैंने सास को खाना परोसा। सास खाना खाकर कमरे में चली गई। फिर नौकर आया बाहर से सब काम करके। फिर मैंने उसे भी खाना खाने को कहा तो वो वहीं रसोई में बैठकर ही खाना खाने लगा। फिर उसने खाना खा लिया तो फिर वो वहीं बैठ गया। फिर मैंने खाना खाया और फिर बाहर बर्तन साफ करने चली गई। फिर मैं वापिस आई तो देखा के नौकर ने अपना लंड बाहर निकाल रखा था और सहला रहा था। उसे देखकर मैं मुस्कुराने लगी। फिर मैं बर्तन वगेरह रख रही थी तो नौकर ने अपने सारे कपड़े उतार दिए और फिर वो मेरे पीछे से आकर मुझे पकड़ लिया। फिर वो मेरे बूब दबाने लगा तो मैंने उसे कुछ नहीं कहा। फिर वो भी मेरे कपड़े उतारने लगा। फिर उसने मुझे नंगी कर दिया और मेरे बूब चूसने लगा।
वो मेरे गुदगुदी कर रहा था तो मुझे हँसी आ रही थी तो मैं थोड़ा जोर से ही हँस रही थी। फिर मैं घोड़ी बन गई तो वो मेरे पीछे से करने लगा। कभी वो मेरी चूत में करता तो कभी गाँड में। हमें करते हुए काफी देर हो गई थी। फिर इतने में सास आ गई और रसोई का गेट खोलकर खड़ी हो गई। फिर हमने सास को देखा तो हम दोनों ने करना बंद कर दिया और हम खड़े हो गए। फिर सास ने हमें कमरे में आने को बोला। फिर सास चली गई और हम कुछ देर बाद कमरे में गए। हम दोनों नंगे ही कमरे में गए थे। नौकर तो कपड़े पहन रहा था पर मैंने उसे पहनने नहीं दिए और ऐसे ही चलने को कहा। हम कमरे में गए तो देखा के सास बेड पर बैठी हैं और वो अपनी चूत सहला रही थी। फिर हम दोनों ने रूम का गेट बंद किया। फिर नौकर और मैं सास के पास जाकर बैठ गए। फिर नौकर सास के बूब वगेरह सहलाने और मैं फिर मेरे बेटे के पास चारपाई पर चली गई और उसके साथ जाकर सो गई। मैंने सोचा सास और नौकर को अकेला छोड़ देती हूँ।
फिर मुझे नींद तो नहीं आ रही थी तो मैं सोई सोई ही उन्हें देखने लगी। नौकर अब सास से करने लगा था। नौकर सास के ऊपर चढ़ा हुआ था और जोर जोर से धक्के लगा रहा था। फिर कुछ देर बाद नौकर सास की चूत में ही झड़ गया और उनके ऊपर ही लेट गया। फिर मुझे नींद आ गई। बाद में क्या हुआ मुझे नहीं पता। फिर मैं सुबह जागी तो देखा के नौकर सास के साथ ही सोया हैं। फिर मैंने नौकर को जगाया। फिर मैं और नौकर कमरे से बाहर नंगे ही आये। हमारे कपड़े रसोई में पड़े थे तो हम पहले रसोई में गए और कपड़े पहनने लगे। मैंने नीचे सलवार पहनी और ऊपर सिर्फ स्वेटर ही पहन ली। मुझे जल्दी से फ्रेश होने जाना था तो मैं भागी भागी टॉयलेट की तरफ जाने लगी। लेकिन दबाव काफी बढ़ रहा था तो मैं सलवार खोलकर टॉयलेट से थोड़ा दूर ही बैठ गई और बैठते ही काफी सारा लैटरिंग कर दिया। पीछे से नौकर आया और फिर वो पशुओं को चारा वगैरह डालने लगा।
फिर मैंने लैटरिंग कर ली तो मैं अपनी सलवार पकड़कर पानी वाली डिग्गी के पास चली गई और वहाँ जाकर खड़ी हो गई। मैंने ऊपर जो स्वेटर पहन रखी थी वो छोटी थी और कुछ मेरे बूब बड़े थे तो वो आगे से बंद नहीं हो रही थी। फिर मैनेसे आगे से खुली ही छोड़ रखी थी और सलवार मेरे घुटनों तक आई थी सिर पर भी कुछ नही ले रखा था। मैं वहाँ जाकर खड़ी हुई ही थी के पीछे से नौकर आ गया। फिर मैंने उसे अपनी गाँड धोने के लिए कहा। मैं थोड़ी गर्म हो चुकी थी तो मुझे सर्दी नहीं लग रही थी फिर मैंने सलवार पूरी खोल दी और पास ही में रख दी। फिर मैं झुक कर खड़ी हो गई तो नौकर मेरी गाँड धोने लगा। गाँड धोते टाइम उसने अपनी एक दो उँगली मेरी गाँड में डाल दी। फिर मैं हँसती हुई बोली के सारा दिन तो मेरी गाँड में अपना लंड डाले रखते हो फिर भी चैन नहीं मिलता क्या। तो वो बोला के क्या करूँ तुम्हारी गाँड हैं ही ऐसी के कुछ डाले भी रह नहीं पाता हूँ। फिर उसकी बात सुनकर मैं जोर जोर से हँसने लगी।
फिर मैं वैसे ही अंदर आ गई और चाय बनाने लगी। चाय बनाकर मैं अंदर कमरे में सास के पास ले गई और नौकर भी वहीं आ गया। सास जगी हुई ही थी तो फिर मुझे देखकर वो बैठ गई। फिर मैंने उन्हें चाय डालकर दे दी तो वो पीने लगी। फिर नौकर को भी चाय दी। फिर मैंने बेटे को उठाया और उसे दूध पिलाया और दूध पीकर वो वापिस सो गया। फिर सास तो नहाने चली गई और मैं और नौकर पशुओ की तरफ चले गए। फिर मैं दूध निकालने लगी। मैं दूध निकाल ही रही थी और नौकर भी वहीं आ गया। फिर वो स्वेटर कुछ टाइट थी तो मैंने नौकर से मेरी स्वेटर निकालने को कहा और मैंने दोनों हाथ पीछे की तरफ कर लिए तो नौकर ने स्वेटर निकाल दी। फिर मैं पूरी नंगी हो गई थी और नौकर भी पूरा नंगा हो गया और मुझे देखकर अपना लंड सहलाने लगा। मैं उकड़ू बैठकर दूध निकाल रही थी बाल्टी में और बाल्टी मैंने अपने घुटनों से लगा रखी थी। फिर मुझे पेशाब आने लगा तो मैं पेशाब वहीं बैठी बैठी करने लगी और साथ में दूध निकाल रही थी। ये देखकर नौकर हँसने लगा और बोला के यहीं पर पेशाब कर दी। तो मैं बोली के और क्या तो नंगी तो थी ही तो कर दी।
फिर मैं दूध निकालकर अंदर आने लगी। नौकर भी मेरे साथ साथ चल रहा था। फिर हम अंदर आये तो देखा के सास नहाकर नंगी ही बाथरूम से बाहर निकल रही थी और तौलिया अपने कंधे पर डाल रखा था। फिर नौकर सास के साथ अंदर कमरे में चला गया और हार्दिक उठकर आ गया था बाहर मेरे पास। फिर मैं चूल्हे के पास काम करने लगी। फिर मैंने सोचा के हार्दिक को भी नहला देती हूँ तब तक नौकर भी सास से कर लेगा। फिर मैं अंदर तौलिया लेने गई तो नौकर सास की गाँड मार रहा था और सास भी मजे से चुद रही थी। फिर मैं तौलिया लेके हार्दिक को नहलाकर ले आई और उसे कपड़े पहना दिए। इतने में नौकर ने भी सास से कर लिया। फिर मैंने सास से भी कपड़े पहनने को कहा तो सास ने कपड़े पहन लिए और सास नीचे जमीन पर गद्दे पर बैठ गई।
दिन पूरा निकल चुका था और गाँव के लोग कभी भी आ सकते थे। मैं तब तक बिल्कुल नंगी ही काम कर रही थी। फिर मैंने अपने कपड़े लिए और नौकर को साथ लेकर उसके पीछे की तरफ बने कमरे में चली गई। फिर मैं और वो दोनों कपड़े पहनने लगे। कपड़े पहनते टाइम नौकर का मूड फिर से बन गया और मेरा भी। तो मैं उसकी चारपाई पर घोड़ी बन गई और फिर वो मेरी गाँड में डालकर करने लगा।
फिर गाँव के लोग आने लगे तो मैं और चाय बना रही थी और नौकर उनको चाय देके आने लगा। फिर उस दिन पति और राज भी आ गए। फिर दिन में मैं, राज और पति थोड़ा फ्री हुए तो पीछे नौकर के कमरे में चले गए। फिर हमने कुछ देर बातें की फिर वो दोनों मेरी बॉडी से खेलने लगे तो हम गर्म हो गए। फिर हम कपड़े निकालकर नंगे हो गए। फिर पहले राज मुझसे मेरी गाँड में डालकर करने लगे और पति पास खड़े अपना लंड सहलाने लगे। फिर राज मेरी चूत में करने लगे और मैं भी मजे से करने लगी। फिर राज झड़ गए तो पति करने लगे। पति भी कुछ देर बाद झड़ गए तो हम तीनों चारपाई पर बैठ गए। फिर मैं उन दोनों का लंड सहलाने लगी और वो दोनों मेरे बूब दबाने लगे। हमें काफी देर हो चुकी थी तो फिर नौकर बुलाने के लिए आया। फिर हम तीनों ने कपड़े पहने और अंदर चले गए।
फिर हमारे रिश्तेदार आने लगे और आसपास के लोग भी आने लगे तो हमें दिन में तो बिल्कुल भी टाइम नहीं मिलता था करने के लिए। कुछ रिश्तेदार भी घर पर रहने लग गए थे। फिर हम रात को ही खाना खाने के बाद जब सब सो जाते तो मैं, राज और पति नौकर के कमरे में चले जाते। वहाँ नौकर भी होता तो वो तीनों मुझसे करते। फिर मैं सास को भी किसी बहाने से पीछे की तरफ ले आती नौकर के कमरे में। फिर सास भी उन तीनों से जमकर करती। फिर हम ऐसे ही करते लगभग हर रात।
अगले भाग में बताऊंगी के ससुर के बारहवें तक हमने और क्या क्या किया.....

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