अब सास नौकर के सामने नंगी हो चुकी थी तो सास काफी खुल गई थी। अब नौकर के सामने नंगी घूमने में सास को भी काफी मजा आने लगा था। सास और मैं पेशाब करने पीछे की तरफ जाती तो मैं नौकर के सामने सास के बूब दबाती और सास की गाँड पर हाथ फेरती तो नौकर अपना लंड जोर जोर से हिलाने लग जाता। जिसे देखकर मैं और सास हँसने लगती। एक दिन शाम को मैं और सास पीछे की तरफ गई। मैं दूध निकाल रही थी और नौकर नंगा ही मेरे पास खड़ा था। सास हमसे कुछ दूर खड़ी थी। फिर वहां पति और राज आ गए। वो भी नंगे ही थे। फिर वो सास के पास गए। पति सास के पीछे खड़े हो गए और सास के बूब सहलाने लगे और साथ मे एक हाथ से सास की चूत सहलाने लगे। राज ने सास का हाथ अपने लंड पर रख लिया तो सास राज का लंड सहलाने लगी। नौकर तो ये सब देख कर बोला के मुझे तो अपनी आँखों पर यकीन नहीं हो रहा हैं के एक माँ अपने दोनों बेटों के साथ ये सब कर रही हैं। फिर मैं बोली के औरत मर्द में सिर्फ चूत और लंड का ही रिश्ता होता हैं। ये सब देखकर नौकर जोर जोर से अपना लंड सहलाने लगा। तो राज ने नौंकर को अपने पास बुलाया। मैंने भी दूध निकाल लिया था तो मैं भी दूध की बाल्टी साइड में रखकर नौकर के साथ चल पड़ी। मैंने नौंकर की कमर में हाथ डाल लिया था और नौंकर ने मेरी कमर में और हम चिपक कर चल रहे थे। फिर हम दोनों उनके पास जाकर खड़े हो गए।

फिर इतने में पति ने सास को वहाँ पड़ी चारपाई पर ले गए और सास के ऊपर आकर करने लगे। सास भी पति का पूरा साथ दे रही थी। ये देखकर मैं, राज और नौकर फुल गर्म हो चुके थे। मैं उन दोनों के बीच खड़ी थी तो मैं उनके लंड हिलाने लगी। जब पति झड़ गए तो वो खड़े होकर हमारे पास आ गए। वो और सास काफी हाँफ रहे थे। फिर राज सास के पास गए और सास को घोड़ी बनाकर करने लगे। वो कभी सास की गाँड में करते तो कभी चूत में। फिर वहीं नीचे मैं भी घोड़ी बन गई और नौकर से करने को कहा तो नौकर मेरी गाँड में लंड डालकर करने लगा। पति वहीं पास में ही खड़े थे। तो नौंकर से मेरी चुदाई होती देख वो अपना लंड सहलाने लगे। फिर राज सास की चूत में झड़ गए और नौंकर भी मेरी गाँड में झड़ गया। फिर राज ने नौकर को सास की चूत चाटने को कहा तो नौकर सास के पास आकर उनकी चूत चाटने लगा। तब सास काफ़ी सेक्सी लग रही थी। ये देखकर पति और राज भी काफी गर्म हो गए थे। फिर नौकर ने चूत चाटकर साफ कर दी तो पति और राज सास को थोड़ा सहारा देकर अंदर ले जाने लगे और मैं भी दूध की बाल्टी लेकर अंदर चली गई।

फिर इसके बाद तो सास पीछे जाती तो सास नौकर के कमरे में चली जाती उससे अपनी चूत चुसवा कर आ जाती। कई बार मैं और सास दोनों एक साथ जाती तो मैं तो कई बार सास के सामने ही नौंकर से कर भी लेती। फिर कई बार मैं नौकर का पानी सास के बूब पर डलवा लेती और फिर सास के बूब चाटकर साफ कर देती। कई बार हम दोनों ही  उसका पानी अपने बूब पर डलवा लेती थी। सास बस नौकर से अपनी चूत ही चुसवाती थी इसके अलावा कुछ नहीं करती थी। फिर नौंकर सास को नंगी देखकर अपना लंड हिलाता रहता था और झड़ने लगता तब अपना पानी सास की बॉडी पर डाल देता था। इसके लिए सास भी उसे कुछ नहीं कहती थी। फिर कई बार तो पति और राज के सामने ही नौकर सास के बूब वगैरह पर पानी डाल देता था। सास को भी इन सबमें काफी मजा आने लगा था।

फिर सर्दी का मौसम आ गया था तो मैं, सास, राज और पति एक साथ अंदर वाले कमरे में सोने लगे थे और रात को काफी मस्ती करते थे। ससुर बाहर के कमरे में अकेले ही सोये रहते थे। हम बीच बीच मे उन्हें सम्भाल कर आते थे। फिर हम नौंकर को भी अपने साथ सुलाने लगे। पति और राज तो सास के साथ सोते एक रजाई में और नौंकर और मैं साथ सोते। नौंकर तो रात को मुझसे कितनी बार करता ये मुझे खुद को मालूम नहीं चलता था। कई बार पति और राज भी मेरे साथ सो जाते थे फिर वो नौंकर से साथ मिलकर मुझसे करते थे। दो मर्दों के साथ सोने में मुझे काफी मजा आता था। कई बार ऐसा होता के सास के दोनों तरफ पति और राज सोये रहते और नौकर सास की चूत चूस रहा होता। इस प्रकार सास तीन मर्दों के साथ होती। एक रात पति और राज मुझसे कर रहे थे। सास बेड पर बैठी बैठी हमें देख रही थी और नौकर भी हमें देखकर अपना लंड हिला रहा था।

फिर सास ने नौकर को इशारे से अपने पास बुलाया और फिर नौकर जाकर सास के साथ बैठ गया। फिर सास ने नौकर का लंड पकड़ लिया और हिलाने लगी। सास के हाथ में किसी दूसरे आदमी का लंड देखकर पति और राज काफी उत्तेजित हो गए और मुझसे कस कस के करने लगे। फिर सास ने रजाई ली और नौकर के साथ रजाई ओढ़कर सो गई। फिर सास नौकर की तरफ पीठ करके सो गई और नौकर पीछे से धक्के लगाने लगा और सास भी ऐसे करने लगी जैसे उनकी चुदाई हो रही हैं। हम झड़ गए थे तो फिर उन्हें देखने लगे। फिर नौकर झड़ा तो मम्मी बैठी और रजाई में से एक तकिया निकालकर हमें दिखाने लगी और साथ में हँसने लगी। तकिए पर नौकर का पानी लगा था तो ये देखकर हम भी सब समझ गए थे और फिर हमें भी हँसी आ गई। फिर सास नौकर के साथ ही सोई उस रात। नौकर भी सास के बूब दबाता और उनकी चूत चूसता।

दिन में भी हम काफी मस्ती करते। कभी कभी खेत चले जाते और खेत में हम सब नंगे ही रहते और खूब चुदाई करते। सर्दी का टाइम था तब तो धूप कम ही निकलती तो हम दिन में भी अंदर रजाई में ही सोये रहते थे। फिर सास बिना तकिए के नौकर से करने लगी थी। सास घोड़ी बन जाती तो नौकर हम सबके सामने ही सास की चूत पर अपना लंड रगड़ता रहता और झड़ जाता था। एक दिन सास ज्यादा गर्म हो गई थी उन्होंने नौकर का लंड अपनी चूत में डलवा लिया और फिर नौकर भी सास की चूत और गाँड मारने लगा। पति और राज तो सास को नौकर से चुदते देख गर्म हो जाते और अपना लंड सहलाने लगते और फिर मुझसे करते।

मैं और सास पीछे दूध वगैरह निकालने जाती तो सास अपनी गाँड निकालकर नौकर को दिखाती रहती। तो ये देखकर नौकर भी गर्म हो जाता और फिर नौकर वहीं सास की गाँड मारने लग जाता। सास भी पूरे मजे से अपनी गाँड मरवाती। कई बार मैं पति और राज के साथ खेत मे चली जाती तो पीछे सिर्फ नौकर और सास ही होते। तो नौकर सास से ही करता रहता। सास भी घोड़ी बनकर मजे से चुदवाती। रात को भी पति, राज और नौकर तीनो सास से एक साथ करते। एक झड़ जाता तो फिर दूसरा उनके ऊपर चढ़ जाता। कभी कभी तो ऐसे करते करते सुबह भी हो जाती पर उनकी चुदाई खत्म होती ही नहीं थी।

ससुर बाहर वाले कमरे में होते और मैं हार्दिक को भी वहीं सुला देती थी। ठंड के कारण ससुर की तबियत थोड़ी खराब रहने लगी थी। फिर मैंने सास से बोला के मैं सो जाऊँगी उनके पास आप मजे करो तो सास मेरी तरफ देखकर मुस्कुराने लगी। फिर उस दिन रात को सास तो उन तीनों से करने लग गई और मैं ससुर के साथ सोने उनके कमरे में आ गई। मैं नंगी ही आई थी उनके कमरे में तो मुझे ठंड लग रही थी फिर मैं आते ही उनकी रजाई में सो गई। ससुर की तब मेरी तरफ पीठ थी तो मैं भी उनकी पीठ से लगकर और एक पैर उनके ऊपर रखकर सो गई। फिर सुबह सुबह ससुर जल्दी जाग गए और वो मेरी बॉडी पर हाथ फैर रहे थे। वो मुझे सास समझ रहे थे। फिर मुझे जाग आ गई। फिर मैंने उनका हाथ पकड़कर अपने बूब पर रख दिया तो वो बोले के तुम नंगी क्यों सोई हो। फिर मैंने कह दिया के मुझे गर्मी लग रही थी। फिर वो बोले के इतनी ठंड में भी गर्मी। मैं बोली के हाँ। फिर वो मेरी कमर पर हाथ फेरने लगे। मुझे भी मजा आ रहा था।

फिर मैंने अपना एक बूब उनके मुँह में डाल दिया तो वो मेरा बूब चूसने लगे। फिर मैं उनका कुर्ता खोलने लगी तो वो कहने लगे कुर्ता क्यों खोल रही हैं। फिर मैं बोली के मेरी मर्जी। फिर वो बोले के तुम्हें भी बुढ़ापे में जवानी चढ़ रही हैं। ये सुनकर मैं हँसने लगी और मन में सोचने लगी के जवानी तो काफी चढ़ गई हैं। फिर मैंने पहले उनका कुर्ता और फिर उनकी धोती भी निकाल दी। फिर मैं उनसे चिपक कर सो गई और उनका लंड हाथ में लेकर सहलाने लगी। उनका लंड धीरे धीरे खड़ा हो रहा था। फिर ससुर बोले के ये अब इतना खड़ा नहीं होता हैं। फिर मैं बोली के मैं कर दूँगी खड़ा। फिर मैं करवट लेकर ससुर की तरफ गाँड करके सो गई और ससुर को भी उसी तरफ करवट लेकर सुलाने लगी तो वो भी सो गए और उनका लंड मेरी गाँड से टकराने लगा। फिर ससुर मेरी गाँड पर हाथ फेरने लगे और फिर मेरी गाँड में उँगली डाल दी। फिर मैं उनका हाथ हटाकर उनके लंड को अपनी गाँड पर लगा दिया फिर ससुर भी धीरे धीरे कमर हिलाने लगे तो उनका लंड मेरी गाँड पर लगने लगा। फिर उन्होंने मुझे अपना पास खींच लिया अब उनका लंड मेरी चूत पर लगने लगा था। पर उनका लंड ज्यादा खड़ा नहीं हुआ था तो वो अंदर नहीं जा रहा था।

फिर ससुर झड़ गए कुछ देर बाद तो उनका पानी मेरी गाँड और चूत पर गिर गया। फिर मैं ससुर की तरफ मुँह करके उनकी छाती से लगके सो गई। फिर थोड़ा दिन निकल गया तो सास आई और मुझे ससुर के साथ ऐसे सोया देखकर हँसने लगी। तब मुझे भी जाग आ गई थी तो मैं उठी और हार्दिक को लेकर अंदर चली गई। फिर सास ने ससुर को चाय पिलाई और फिर वापिस अंदर आ गई। मैं फिर रोज ही ससुर के साथ सोने लगी। फिर मैं नौकर को भी अपने पास सुलाने लगी।

अगले भाग में बताऊंगी के मैं नौकर और ससुर के साथ कैसे मजे करती और ससुर की मौत कैसे हुई.....

1 Comments

  1. I need full parts of this story
    सास, पति और जेठ के साथ मायके में मस्ती, please provide

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