घर के अंदर का काम सास ही करती थी नंगी रहकर और बाहर पशुओं वगैरह का काम मैं करती थी। सास नंगी ही होती तो पति और राज का मूड बनते ही वो सास को पकड़ लेते और करने लग जाते। कभी सास का मूड बनता तो वो भी अपने बेटों का लंड पकड़ लेती थी। एक बार सुबह सुबह ससुर तो बाहर कुर्सी पर बैठे थे और अंदर कमरे में सास से पति और राज कर रहे थे। फिर ससुर को पेशाब करने के लिए जाना था तो उन्होंने आवाज लगाई। मैं अंदर काम कर रही थी फिर ससुर की आवाज सुनकर अंदर कमरे में गई तो सास ने मुझे ससुर को पेशाब करवाके लाने के लिए कहा। फिर मैं ससुर के पास गई और ससुर का हाथ पकड़कर खड़ा करने लगी तो ससुर खड़े हो गए। फिर मैंने उनका एक हाथ अपनी कमर में डाल दिया और मैंने भी अपना एक हाथ उनकी कमर में डाल रखा था। फिर हम चलने लगे। फिर हम टॉयलेट तक पहुँचे फिर मैंने ससुर की धोती निकाली और फिर वो टॉयलेट पर बैठकर पेशाब करने लगे। मैं उन्हें वहीं खड़ी होकर देखने लगी। वो भी मुझे ऐसे देख रहे थे जैसे उन्हें सब कुछ दिख रहा हो। वो मुझसे बातें भी कर रहे थे पर मैं ज्यादा बोल नहीं रही थी। फिर उन्होंने पेशाब कर लिया तो मैं उन्हें वापिस लाने लगी। हम वापिस आ रहे थे तो पति चौकी पर नंगे ही खड़े थे और हमें देख रहे थे। मुझे ससुर के साथ ऐसे देख कर वो मुस्कुरा रहे थे और फिर मैं भी मुस्कुराने लगी। फिर मैंने उन्हें लाकर वापिस कुर्सी पर बैठा दिया।
फिर अंदर कमरे में आई तो देखा के राज सास से कर रहे थे। फिर पति भी मुझसे किसिंग करने लगे और फिर वो मुझसे करने लगे। फिर वो झड़ गए तो मैं वापिस काम में लग गई और सास खाना बनाने लगी। पति और राज कमरे में ही बैठे रहे। मैं नंगी ही पीछे जाती तो मैंने सास को सब बता रखा था के मैं उसे कैसे तड़पाती थी पहले। फिर मैंने सास को बता दिया के वो अब मुझसे करने लगा है। फिर सास बोली के तेरे पति और राज को पता है सब। तो मैंने बताया के हाँ। हम खेत में कर रहे थे तो नौकर जोर जोर से अपना लंड रगड़ रहा था फिर मैंने उससे कर लिया तो पति और राज कुछ नहीं बोले। फिर ये सब सुनकर सास थोड़ी गर्म हो गई थी। फिर सास बोली के फिर तो वो तुम्हें पीछे जाते ही पकड़ लेता होगा। मैं बोली के खुद ही देख लो। मैं पीछे जाती हूँ आप छत पर चढ़कर देख लेना। फिर सास बोली के ठीक है। फिर मैं सब्जी काटी थी उसके छिलके वगैरह डालने के लिए पीछे जाने लगी और सास अपनी चूत सहलाती हुई छत पर जाने लगी। फिर मैं पीछे गई तो नौकर तैयार ही बैठा था। वो एकदम नंगा था और उसका लंड खड़ा था। फिर मैं छिलके डालने गई तो वो भी मेरे साथ साथ चलने लगा। फिर मैंने छिलके डाल दिये तो नौकर ने मुझे पीछे से पकड़ लिया और मेरी कमर में हाथ डालकर खड़ा हो गया। मैंने छत की तरफ देखा तो सास हमें ही देख रही थी। फिर मैंने उसके हाथ अपने बूब पर रख लिए तो वो एक हाथ से मेरे बूब दबाने लगा और एक हाथ से मेरी चूत सहलाने लगा।
वो बाहर ही सोता था तो उसकी चारपाई बाहर ही पड़ी थी। फिर उसने मुझे चारपाई पर लेटाया और मेरी चूत चूसने लगा। तब मैं भी काफी गर्म हो गई थी और अपने पैर पूरे फैलाकर उससे चूत चुसवा रही थी। फिर वो मेरे ऊपर आ गया और लंड डालकर करने लगा और कई देर तक करता रहा। फिर वो मेरी चूत में ही झड़ गया और अपना सारा पानी मेरी चूत में डाल दिया और कुछ देर मेरे ऊपर ही लेटा रहा। फिर मैंने उसे साइड किया और उठकर अंदर आ गई। मेरी चूत से उसका पानी बह रहा था जिससे मुझे काफी अच्छा फील हो रहा था। फिर सास मुझे देखकर हँसने लगी। फिर मैं और सास आँगन में ही चारपाई पर बैठ गई। फिर सास बोली तुझे शर्म नहीं आई उससे। मैंने कहा शर्म किस बात की आनी थी। वो मर्द हैं और मैं औरत हूँ तो बस कर लिया उससे। वैसे भी वो काफी टाइम से यहीं काम कर रहा हैं तो वो बाहर किसी को बताने से रहा। फिर सास बोली के हाँ ये तो हैं। फिर हमने कुछ और बातें की और फिर वापिस काम मे लग गई।
ससुर को पहले सास नहलाती थी और कभी कभी पति और राज भी नहला देते थे। फिर वो तीनों तो चुदाई में मगन थे। फिर मैं ससुर को नहलाने ले गई। मैं तो नंगी थी ही फिर ससुर को भी नंगा कर दिया और उन्हें नहलाने लगी। मैं अब ससुर से बातें भी करने लगी थी तो ससुर को जरा भी शक नहीं होता था के सास हैं या कोई और। ससुर को नहलाने के बाद मैं ससुर से बोली के मैं आपके कपड़े लाना भूल गई तो मैं आपको ऐसे ही कमरे में ले चलती हूँ। ससुर बोले के ठीक है। फिर मैं और ससुर नंगे ही कमरे में चले गए। कमरे में सास, पति और राज हमे ऐसे देखकर देखते ही रह गए। फिर मैंने उनसे आवाज नहीं करने के लिए कहा। फिर मैंने ससुर को बेड पर लेटा दिया ऐसे ही। फिर मैंने उन्हें कपड़े पहना दिए। सास पति और राज से चुदवा रही थी तो उनके मुँह से आवाजें निकल रही थी। फिर ससुर ने पूछा के क्या हुआ तो सास बोली के मेरी कमर दर्द करती हैं तो राज से दबवा रही हूँ। ये सुनकर मैं, राज और पति मुस्कुराने लगे। फिर राज और पति ने अपनी स्पीड बढ़ा दी तो सास जोर जोर से आवाजें करने लगी। पर अब कोई डर नहीं था के ससुर क्या कहेंगे।
सास पशुओं की तरफ जाती तो सास कपड़े पहनकर ही जाती। लेकिन मैं सास के सामने भी वहाँ नंगी ही चली जाती। वहां सास और नौकर के सामने नंगी ही फिरती रहती। ये सब देखकर नौकर काफी हैरान था। फिर उसने मुझसे पूछा तो मैंने उसे सब बता दिया। फिर नौकर को बिल्कुल भी विस्वास नहीं हुआ। फिर मैंने कहा के कुछ ही दिनों में देख लेना। फिर मैंने सास से कहा के आप भी उसके सामने नंगी हो जाओ फिर आप पूरे घर मे नंगी रह सकती हो। फिर सास बोली के मुझे शर्म आएगी उसके सामने। फिर मैंने कहा के उसके सामने क्या शर्माना वो तो अपने घर का नौकर हैं। फिर पति बोले के एक बार ही आएगी शर्म। फिर सास बोली के तुम लोग तो मुझे पूरा बेशर्म बनाकर छोड़ोगे और फिर वो हँसने लगी।
फिर अगले दिन मैंने सास से मेरे साथ पशुओं की तरफ नंगी चलने को कहा। सुबह का टाइम था तो पहले मैं गई। तब नौकर पशुओ को चारा वगैरह डाल रहा था और नंगा ही था। फिर मैंने नौकर से कहा के आज सास दूध निकालने आएगी। तो नौकर मुझसे बोला के फिर तुम ऐसे ही क्यों आ गई। फिर मैंने उससे कहा के मेरी छोड़ो अपनी सोचो। फिर हम बातें ही कर रहे थे तो सास आ गई। सास पूरी नंगी थी और हाथ मे बाल्टी ले रखी थी। फिर वो मुझे और नौकर को देखते हुए एक भैंस का दूध निकालने बैठ गई। नौकर तो बस खड़ा खड़ा देखता ही रह गया। मैं और सास एक दूसरे की तरफ देख कर मुस्कुरा रही थी। फिर सास ने नौकर से भैंस को चारा और डालने के लिए कहा। फिर नौकर सास को देखते देखते भैंस को चारा डालने लगा। सास का रंग दूधिया था और भरे भरे शरीर की थी तो वो काफी सेक्सी दिखती थी नंगी। फिर सास तो दूध निकालकर वापिस अंदर चली गई।
फिर नौकर मुझसे बोला के ये कैसे हुआ। तो मैं बोली के वो भी औरत हैं तो उन्हें भी चुदने की इच्छा होती हैं। फिर नौकर ने मुझे अपनी चारपाई पर लेटा दिया और मेरे ऊपर आ गया। वो भी काफी गर्म हो गया था। फिर मैंने उसे सब बता दिया तो उसे ये पता लगा के पति और राज भी सास से करते हैं तो वो और भी गर्म हो गया और मुझसे जोर जोर से करने लगा। हम कर ही रहे थे तब सास भी वहाँ आ गई। सास पेशाब करने आई थी। सास को देखकर नौकर तो मुझसे दूर हटने लगा। लेकिन मैंने उसे दूर नहीं हटने दिया। मैंने उसे बताया के मैंने सास को अपने बारे में भी सब बता दिया हैं। तब मैं घोड़ी बनी हुई थी और नौकर पीछे से कर रहा था। फिर सास ने पहले तो वहीं नीचे बैठकर हमारे सामने ही पेशाब करने लगी और फिर मुस्कुराती हुई अंदर जाने लगी। फिर नौकर भी झड़ गया था तो मैं भी उठकर सास के पीछे पीछे अंदर चली गई।
फिर हम अंदर आ गए तो मैंने सास से पूछा के कैसे लगा तो सास हँसने लगी और कहने लगी के बहुत मजा आया। ये सुबह सुबह की बात हैं तब तक पति और राज तो उठे भी नहीं थे। फिर मैंने चाय बनाई और सास पति और राज को उठाने गई। सास गर्म हो गई थी तो सास ने पति और राज के लंड पकड़ लिए और सहलाने लगी। मैं चूल्हे के पास बैठी थी और सास को ये सब करते हुए देख रही थी। फिर पति और राज जाग गए और उन्होंने अपना लंड सास के हाथ मे देखा तो वो भी गर्म हो चुके थे। फिर राज ने सास को अपने पास खींच लिया और अपने लंड पर बैठकर करने लगा। फिर मैं चाय लेकर उनके पास गई। फिर मैंने उन्हें बताया के आज सास नौकर के सामने नंगी गई थी। ये बात सुनकर पति और राज सास के मुँह की तरफ देखने लगे और सास मुस्कुराने लगी। फिर पति भी सास और राज के पास चले गए और जाकर सास के पीछे से करने लगे। फिर कुछ देर बाद दोनों झड़ गए तो फिर हम चाय पीने लगे। मैंने भी बता दिया के मैंने नौकर को सब बता दिया हैं।
अगले भाग में बताऊंगी के सास ने नौकर को कैसे तड़पाया......
सास ने नौकर को तड़पाया


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