मैंने जल्दी से घर का काम किया। फिर खाना वगैरह खाया। फिर मम्मी हार्दिक को लेकर ससुर के पास कमरे में चली गई और हम तीनों खेत जाने की तैयारी करने लगे। फिर पति और राज ने तो सिर्फ लूँगी पहन ली। फिर मैंने पूछा के मैं क्या पहनूँ। तो राज बोले ऐसे ही नंगी ही चलो। हम बैल गाड़ी पर जाएंगे। मैंने कहा ठीक है। नौकर हरा चारा वगेरह लेने के लिए बैल गाड़ी पर जाता था। फिर उस दिन हम भी उसके साथ गए। हमारा एक खेत तो बिल्कुल पास ही हैं और दूसरा थोड़ा दूर है। फिर हम तीनों घर के पीछे की साइड चले गए। जहाँ नौकर बैल गाड़ी जोड़ रहा था। फिर उठाने बैल गाड़ी जोड़ ली तो हम उस पर बैठ गए। मैं तो नंगी थी ही फिर राज और पति भी नंगे हो गए। मैं उनके बीच में बैठकर उनके लंड सहलाने लगी। फिर हम चल पड़े। फिर हम रास्ते में थे तब राज ने मुझे घोड़ी बनाया और पीछे से करने लगे। मेरा मुँह पति की तरफ था तो पति ने अपना लंड मेरे मुँह में दे दिया तो मैं उनका लंड चूसने लगी। इस प्रकार हम चलती बैलगाड़ी में ही चुदाई करने लगे। नौकर भी हमें देख देखकर अपना लंड सहला रहा था। फिर थोड़ी देर बाद हम खेत में पहुँच गए और इतने में राज मेरी गाँड में और पति मेरे मुँह में झड़ गए। फिर मैंने नौकर से अपनी गाँड चटवाई तो उसने मेरी गाँड चाटकर साफ कर दी।

फिर हम गाड़ी से उतरकर खेत मे घूमने लगे। नौकर भी नँगा होकर हमारे साथ घूमने लगा। तीन मर्दों के साथ मैं अकेली नंगी ही घूम रही थी। फिर हम गर्म हो गए तो पति और राज मुझसे एक साथ करने लगे। फिर हमने कर लिया तो हम रेस्ट करने लगे। नौकर मेरे सामने बैठा था तो मैं अपने पैरों से उसका लंड हिलाने लगी। तो कुछ देर बाद वो भी झड़ गया। दोपहर हो गई थी और गर्मी भी लग रही थी। फिर हमने नहाने का प्रोग्राम बनाया। फिर हम चारो ट्यूबवेल के आगे बनी डिग्गी के पास चले गए। फिर हम चारो एक साथ ही नहाने लगे। नहाते टाइम पति और राज मेरी बॉडी से खेल रहे थे। फिर उन्होंने मुझसे पानी में ही किया। फिर मैं जाकर नौकर से चिपक गई। पहले तो नौकर थोड़ा डर रहा था। लेकिन फिर मैंने कहा के तुम्हें कोई कुछ नहीं कहेगा। जो तुम्हें अच्छा लगता हैं तुम वो करो मेरे साथ। फिर मैंने नौकर की गाल पर किस कर दिया। फिर नौकर पति और राज के सामने मेरे बूब दबाने लगा और मेरी चूत सहलाने लगा। नौकर का लंड खड़ा था तो फिर मैं अपनी गाँड नौकर के लंड के साथ रगड़ने लगी तो उसे भी मजा आने लगा। फिर कुछ देर बाद उसके लंड से पानी निकला और वो झड़ गया। फिर वो तीनो ही मेरी बॉडी से खेलने लगे। मुझे काफी मजा आ रहा था उनके साथ। मुझे ऐसे मस्ती करते देख पति बोले के भगवान ऐसी बीवी सबको दे। उनकी ये बात सुनकर मैं हँसने लगी। नौकर और राज भी हँसने लगे।

फिर हम पानी से बाहर निकलकर एक पेड़ के नीचे जाकर लेट गए। फिर पहले तो मुझसे पति ने किया फिर राज ने किया। फिर नौकर भी अपना खड़ा लंड पकड़कर मेरे सामने खड़ा था। फिर मैंने पति और राज की तरफ देखा तो फिर राज ने नौकर से मुझसे करने के लिए कह दिया। फिर नौकर मेरे पास आया और आते ही मेरी चूत में अपना लंड डालकर करने लगा। मैं लगातार तीसरे मर्द से चुद रही थी। कुछ देर बाद नौकर तेज धक्के लगाने और फिर मेरी चूत में ही झड़ गया। वो झड़ा इतने में ही पति और राज मुझे उससे करते देख गर्म हो गए और उनके लंड भी खड़े हो गए। फिर पति नीचे लेट गए और मैं उनका लंड अपनी चूत में लेकर बैठ गई। फिर पीछे से राज ने अपना लंड गाँड में डाल दिया और करने लगे। फिर राज ने अपना लंड निकाल लिया और फिर नौकर से करने को कहा। तो फिर नौकर मेरी गाँड में करने लगा और राज मेरे आगे आ गए तो मैंने उनका लंड मुँह में लिया। मैं पहली बार तीन मर्दों से एक साथ कर रही थी। फिर तीनो ही मेरे अंदर झड़ गए। फिर मैं लेट कर आराम करने लगी। हमे करते करते टाइम का पता ही नहीं चला। शाम हो गई थी। फिर नौकर तो चारा काटने चला गया और हम तीनों ऐसे ही बातें करने लगे।

पति मुझसे बोले के तुम्हे बुरा तो नहीं लगा ना के नौकर ने तुमसे किया। फिर मैं बोली के वो भी तो एक मर्द ही हैं। फिर पति मेरी तरफ देखकर मुस्कुराने लगे। फिर राज बोले के मम्मी इंतजार कर रही होगी हमारा। फिर मैं बोली के क्यों आने लग गई क्या अपनी माँ की याद। फिर मैंने दोनों के लंड सहलाते हुए बोली के देखो माँ का नाम सुनते ही दोनों के लंड कैसे खड़े हो गए हैं। फिर पति और राज हँसने लगे। फिर नौकर ने हरा चारा काट लिया तो उसने चलने को कहा। तब तक थोड़ा थोड़ा अंधेरा हो चुका था। फिर पति और राज तो बैलगाड़ी के आगे बैठ गए और चलाने लगे। बैलगाड़ी हरे चारे से भरी हुई थी तो मैं उसके ऊपर लेट गई और नौकर भी मेरे साथ ही लेट गया। फिर नौकर मेरे ऊपर आ गया और वो अपना लंड डालकर करने लगा। सुबह आई थी तब से लेकर शाम तक जाते टाइम मेरी पता नहीं कितनी बार चुदाई हुई। फिर घर आने वाला था तो नौकर मुझसे घोड़ी बनाकर करने लगा। फिर घर आ गया तो पति और राज तो उतरकर अंदर चले गए। फिर नौकर मेरी गाँड में झड़ गया तो मैं बैलगाड़ी से उतरी और फिर अंदर गई।

अंदर गई तो देखा के मम्मी ने सब काम कर रखा था। पति और राज ने तो जाते ही सास को पकड़ लिया था। पर फिर सास ने उन्हें पहले नहाके आने को कहा। फिर वो दोनों नहाने चले गए। फिर मैं जाकर चारपाई पर लेट गई तो सास मेरे पास आकर बैठ गई। मेरी चूत सूजी हुई देखकर बोली के आज तो काफी मजे किये लगता हैं खेत में। फिर वो हँसने लगी। फिर मैं भी हँसने लगी। मैंने कहा हाँ आज तो पता नहीं इन्होंने कितनी बार किया मुझसे। फिर पति और राज नहाकर आ गए तो फिर मैं नहाने चली गई। फिर मैं नहाकर आई तो सास पति और राज को खाना खिला रही थी। फिर मैं भी उनके साथ ही बैठकर खाना खाने लगी। फिर खाना खाकर मैं बोली के मैं तो थक गई मैं तो सोऊँगी। फिर मैं चारपाई पर लेट गई और पति और राज ने सास को अपने बीच बैठा लिया। फिर वो दोनों उनसे एक साथ करने लगे। फिर उन्हें देखते देखते मुझे तो पता नहीं कब नींद आ गई।

अगले भाग में बताऊंगी के सास नौकर के सामने कैसे नंगी हुई और सास के सामने मैंने नौकर से कैसे किया......


                              नौकर के सामने सास नंगी हुई

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