घर पर हम तीन औरतें और चार मर्द थे और सब के सब एक दम नंगे। हम आँगन में ही बैठे थे और बातें कर रहे थे। मम्मी पति के साथ चारपाई पर बैठी थी और उनके सामने मैं पापा और काका के बीच बैठी थी। पापा ने दाई से चाय बनाने के लिए कहा तो दाई चाय बनाने चली गई थी और रामु नीचे ही बैठा था। पति पहले मम्मी के बूब चूस रहे थे और फिर मम्मी की चूत सहलाने लगे तो फिर मम्मी पति से बोली के दामाद जी अब तो मेरी चूत आपको शाम को ही मिलेगी। मम्मी भी अब सब शर्म छोड़कर बिल्कुल खुले तरीके से अपने दामाद से बात कर रही थी। फिर मम्मी बोली के आज शाम को हम दोनों माँ बेटी अपनी चूत और गाँड आपके हवाले कर देंगी फिर चाहे कितना भी चोदना हमें। फिर पति बोले के तो तब तक मैं इस लंड का क्या करूँ सासु माँ। इतना सुनकर मम्मी बोली के तब तक अपने हाथ से कर लीजिए। इतने में दाई चाय लेकर आ गई और हम सभी को चाय डालकर देने लगी और खुद भी वहीं नीचे बैठकर चाय पीने लगी। फिर दाई बोली के यकीन नहीं होता के सास अपने दामाद के साथ नंगी बैठी है और अपने दामाद से चुदवाई भी करवा ली है। फिर मम्मी बोली के अब तुझे कैसे यकीन दिलाऊँ। फिर मम्मी एक हाथ से चाय पीते पीते पति का लंड सहलाने लगी और पति और मम्मी एक दूसरे को देखकर मुस्कुराने लगे।

चाय पीने के बाद पापा, काका और पति तो वहीं बैठकर बातें करने लगे और मैं, मम्मी और दाई आँगन में ही घूमने लगी और घर का काम करने लगी। पति का ध्यान मम्मी से बिल्कुल भी नहीं हट रहा था। पति को मम्मी को देखकर अपना लंड सहलाए जा रहे थे और साथ मे पापा और काका से बातें कर रहे थे। ये देखकर मैंने मम्मी से कहा के आपको देखकर आपके दामाद का बुरा हाल हो रहा है तो ये सुनकर मम्मी हँसने लगी। फिर मम्मी ने दाई से हमारे बदन पर उबटन लगाने को कहा। उबटन लगाने से बदन कोमल हो जाता है और चमकने लग जाता है। फिर दाई काफी सारी उबटन बनाकर लाई। फिर मैं और मम्मी वहीं आँगन में ही उबटन लगवाने लगी। हम खड़ी खड़ी ही उबटन लगवा रही थी क्योंकि हमें अपने पूरे बदन पर उबटन लगवानी थी। फिर दाई ने पहले मम्मी के और फिर मेरे बदन पर उबटन लगा दी। फिर हम दोनों पापा, पति और काका बैठे थे उनके सामने जाकर खड़े हो गए और उनसे बातें करने लगे। फिर मम्मी ने पति से पूछा के दामाद जी आपके लंड को हमारी याद तो नहीं आ रही है ये पूछकर मम्मी हँसने लगी और मैं भी। फिर पति बोले के एक तो आप इतनी सेक्सी हो और आपके मुँह से ऐसे सुनकर बहुत अच्छा लगता है। पति की बात सुनकर हम फिर से हँसने लगी। फिर पति बोले के मन तो करता है के आपको अभी चोद दूँ। फिर मम्मी बोली के बस शाम तक का इंतजार कर लीजिए। शाम को तो हम दोनों माँ बेटी आपको अपनी चूत और गाँड दे ही देंगी। ये सुनकर पति बोले के बस शाम का ही तो इंतजार है। पति काफी गर्म हो गए थे तो वो अपना लंड तेजी से हिलाने लगे और उनके लंड से पानी की पिचकारी निकलने लगी। ये देखकर मम्मी बोली के दामाद जी शाम तक के लिए अपने जोश को संभाल कर रखिए। फिर हम सब हँसने लगे।

फिर पापा और काका पति को लेकर खेत घूमने चले गए। उनके जाने के बाद मैं और मम्मी साथ में नहाई। फिर हम दोनों अंदर कमरे में चली गई और जाकर तैयार होने लगी। मैंने और मम्मी अपनी चूत के बाल साफ के लिए थे और फिर हम ये सोचने लगी के हम शाम को क्या पहनेगी। फिर मैं बोली के हम नंगी ही रहेगी और कुछ ज्वैलरी पहन लेगी। फिर शाम होने लगी तो पापा, काका और पति आ गए थे। फिर मम्मी ने पापा से हमारी सुहागरात के लिए कमरे में बेड वगेरह लगाने को कहा। फिर मैं मम्मी से बोली के कमरे में तो सब ही सुहागरात बनाते है हम बाहर बनायेंगे। फिर मैंने पापा से घर के बाहर एक छोटा सा बगीचा है जिसमे फूल वगेरह के पौधे लगे है और नीचे दूब लगी हुई है वहाँ बेड लगाने को कहा। फिर पापा, रामु और काका वहाँ बेड लगाने लगे और पति भी नहा धोकर तैयार होने लगे थे। फिर पति ने एक बेड देखा तो कहा के एक बेड से क्या होगा एक बेड और लाइये। फिर पापा बोले के हाँ अब तो पूरा बड़ा बेड ही चाहिए। फिर काका और रामु अंदर वाला भी बेड ले गए और दोनों बेड को जोड़कर लगा दिया। फिर रात हो गई थी तो हमने पहले खाना खाया। रामु ने पापा, पति और काका को बाहर ही खाना खिला दिया था और मैं और मम्मी ने आँगन में ही खाना खा लिया था।

फिर मैं और मम्मी ने अपने बालों का जुड़ा किया और हमने गले में एक नेकलेस पहना और पूरी बॉडी पर कुछ नहीं पहना था। पैरों में हाई हील सैंडल पहने थे। फिट मेकअप किया और तैयार हो गई। फिर दाई ने हम दोनों को दूध का ग्लास दिया और फिर हम दोनों बाहर जाने लगी। दाई भी हमारे पीछे पीछे आने लगी। फिर हम बाहर आई तो देखा के पापा, काका और रामु चौकी पर बैठे थे। वो हमें देखकर खड़े हो गए और हमे ऊपर से नीचे तक देखने लगे। हम काफी सेक्सी लग रही थी। फिर हम चौकी से उतरकर पति के पास जाने लगी। पति बेड पर नंगे ही सोये थे और अपने खड़े लंड को सहला रहे थे। हमें आता देखकर वो उठकर बैठ गए। फिर हम भी उनके पास जाकर उनके दोनों तरफ बैठ गई और फिर उन्हें दूध पिलाने लगी। पहले मम्मी ने पति को अपने हाथ से दूध पिलाया और फिर मैंने। दूध पीते टाइम उन्होंने हमारी कमर में हाथ डालकर बैठ गए थे। दूध पीने के बाद वो कभी मम्मी के बूब चूसते तो कभी मेरे। फिर पति ने मम्मी को सीधा सुला दिया और उनकी चूत चूसने लगे। जिससे मम्मी जोर जोर से सिस्कारियाँ लेने लगी। फिर पति ने मुझे भी मम्मी के साइड में सुला लिया और फिर चूत में उंगली करने लगे। जिससे मुझे भी काफी मजा आने लगा। फिर पति कभी मम्मी की चूत चूसते और मेरी चूत में उंगली करते और कभी मेरी चूत चूसते और मम्मी की चूत में उंगली करते। हम दोनों माँ बेटी जोर जोर से सिस्कारियाँ ले रही थी और साथ में हम आपस मे भी एक दूसरे के बूब चूस रही थी और एक दूसरे को किस कर रही थी।

काफी देर ऐसे करने के बाद फिर पति मम्मी के ऊपर आ गए और मम्मी की चूत में अपना लंड एक झटके में ही डाल दिया और फिर मम्मी की चुदाई करने लगे। पति ने मम्मी के दोनों पैरों को अपने कंधों पर रख रखा था मम्मी की चूत में लगातार अपना लंड पेल रहे थे। जिस कारण मम्मी जोर से हिल रही थी और मम्मी के बूब भी ऊपर नीचे हो रहे थे। फिर मैं भी पति के पीछे जाकर उनसे लिपट गई और उनकी पीठ पर किस करने लगी। पति फिर और भी ज्यादा गर्म हो गए और मम्मी की चुदाई और जोर से करने लगे। फिर मेरी नजर चौकी की तरफ गई तो देखा के पापा, काका, रामु और दाई सब चौकी पर बैठे है और हमारी चुदाई देख रहे है। ये देखकर मैंने पति को चौकी की तरफ देखने को कहा तो पति ने भी चौकी की तरफ देखा और मुस्कुराने लगे फिर पति ने मम्मी की चूत में 2-3 झटके जोर से मारे तो मम्मी की चीख निकल गई। मम्मी की चीख सुनकर पापा और काका हँसने लगे। फिर पति ने मम्मी को घोड़ी बनाया और मम्मी की गाँड मारने लगे। फिर कुछ देर बाद पति झड़ने वाले हुए तो पति ने मम्मी की गाँड से अपना लंड बाहर निकाल लिया और फिर मम्मी को लंड चूसने के लिए कहा तो मम्मी पति के लंड की तरफ घूम गई और पति का लंड मुँह में लेकर चूसने लगी। पति का लंड चूसते हुए मम्मी बहुत सेक्सी लग रही थी। मम्मी के चूसने के कारण पति झड़ने लगे तो मम्मी पति के लंड का सारा पानी पी गई। फिर पति बेड पर लेट गए और मैं और मम्मी उनके साइड में लेट गई और उनकी बॉडी सहलाने लगी। पति और मम्मी इतनी ठंड में भी पसीने से भीग गए थे और दोनों हाँफ रहे थे।

फिर मैं पति का लंड सहलाने लगी और फिर पति के पैरों के बीच जाकर उनका लंड चूसना लगी। जब उनका लंड फिर से खड़ा हो गया तो मैं उनके लंड को अपनी चूत में डालकर उनके ऊपर बैठ गई और ऊपर नीचे होने लगी। पति साथ में मम्मी से लिप किस कर रहे थे। उनके लंड पर ऊपर नीचे होते होते मैं थक गई तो फिर पति ने मम्मी को अपने लंड पर बैठने को कहा। फिर मम्मी ने पति को लंड को अपनी चूत में डाला और फिर ऊपर नीचे होने लगी। जिस कारण के बड़े बड़े बूब हिलने लगे। ये देखकर पति गर्म हो गए तो वो नीचे से भी अपनी कमर हिलाने लगे। कुछ देर ऐसे ही करने के बाद पति ने हम दोनों माँ बेटी को घोड़ी बना लिया और फिर बारी बारी से हमारी गाँड में अपना लंड डालते और दूसरी की गाँड में उंगली डालते। मेरे और मम्मी के मुँह पास पास ही थे तो हम गर्म होकर एक दूसरे से किस करने लगी। फिर मैंने मम्मी को सीधा सुला दिया और मैं उनके ऊपर जाकर उनके बूब चूसने लगी। मैं मम्मी की ऊपर लगभग उल्टी ही लेटी थी जिस कारण मेरी चूत मम्मी की चूत से लग रही रही थी। पति हमारे पीछे ही खड़े थे तो उन्होंने पहले मेरी गाँड में लंड डाला और करने लगे और फिर कुछ देर करने के बाद मेरी गाँड से लंड निकालकर मम्मी की चूत में डाल दिया और फिर मम्मी की चूत मारने लगे। इधर मैं और मम्मी एक दूसरे के बूब चूस रही थी और उधर पति हमारी गाँड और चूत मार रहे थे। ऐसा करके हमे बहुत मजा आ रहा था। मैं और मम्मी तो पता नहीं कितनी बार झड़ी। फिर पति झड़ गए तो साइड में होकर सो गए। फिर पति बोले के आज जितना मजा तो कभी नहीं आया। फिर मम्मी बोली के आजतक हम माँ बेटी जैसी कोई मिली ही नहीं तो मजा कहाँ से आता। ये सुनकर हम हँसने लगे।

हम फिर बस ऐसे ही करते रहे। पति ने हमसे लगभग हर पोज़ में किया। पति का फौजी लंड था तो वो तो थका नहीं पर मैं और मम्मी तो थक गई थी। फिर मैं और मम्मी पति से लिपटकर सो गई। पापा, काका और दाई वगैरह भी सो चुके थे। ये रात हमारे लिए काफी यादगार रात बन गई थी। अगले भाग में बताऊंगी के पति ने मुझे और मम्मी को गाँव की गली में कैसे चोदा.....


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