भाई के वापिस चले जाने के बाद मैं और मम्मी थोड़ी उदास रहने लगी। पर जल्द ही हम फिर से सामान्य हो गई। काका मम्मी के साथ ही रहता था तो वो मम्मी के चूत और गाँड में अपना लंड डाले ही रखता था। मम्मी भी कुछ कम नहीं थी वो भी काका के लंड की पूरी सेवा करती। मम्मी काका से अपने बदन की मालिश करवाती और फिर काका मम्मी को रगड़ रगड़ के नहलाता। काका मम्मी को कभी अपने खेत या कभी हमारे खेत ले जाता और वहाँ दिन भर वो करते रहते। कई बार वो रामू को भी साथ ले जाते तो फिर दोनों मिलकर मम्मी की खूब चूत और गाँड मारते। मम्मी का बदन अब तो पहले से काफी अच्छा हो गया था। मम्मी सूट पहनती तो उसमें मम्मी का अंग अंग उभरा हुआ दिखता था। कई बार काका मम्मी को अपने घर ले जाता। तो मम्मी घूँघट निकाल लेती और काका के पीछे पीछे चलकर काका के साथ उसके घर चली जाती। गाँव मे किसी को पता नहीं चलता के ये काका की बीवी हैं या मम्मी हैं।

मैं और पापा भी काफी मस्ती करते। हम दोनों लगभग बाहर वाले कमरे में ही रहते और पापा हर वक्त अपना लंड मेरी चूत में डाले रखते। मेरी नर्स की जॉब लगी हैं तो मैं जॉब पर जाती तो पापा भी मेरे साथ ही जाते। मैं थोड़े टाइट सूट पहनती हूँ तो मेरे बूब थोड़े बाहर की तरफ निकले रहते और मैं चलती हूँ तो बूब थोड़े उछलते हैं। ये देखकर पापा से रहा नहीं जाता तो वो मौका पाकर मेरे बूब सहला देते। मैं भी मौका पाकर वहाँ सबके सामने पापा को सेक्सी इशारे कर देती कभी उन्हें आँख मार देती तो कभी अपने होंठ काटती। ये देखकर पापा गर्म हो जाते। फिर हम वापिस घर जाते तो हम जीप पर जाते थे तो पापा किसी सुनसान जगह जीप रोक लेते मैं भी अपने कपड़े खोलकर नंगी हो जाती। फिर पापा या तो कभी जीप में ही मुझसे करने लग जाते। फिर ही हम घर जाते। कभी कभी हम काका के घर चले जाते तो पापा पहले मुझसे करते और फिर काका की बीवी और बेटी से। कभी कभी वहाँ मम्मी भी होती तो काका मुझसे और मम्मी से करता और पापा उसकी बीवी और बेटी से। 

ये सब करना तो अब आम बात हो गई थी। इन सबमें अब पहले जितना मजा नहीं आता था। फिर मुझे भाई की बात याद आई के कुछ अलग ढंग से करें तो बहुत मजा आएगा। हम सब एक दिन घर पर ही बैठे तो मैंने सबसे ये बात कही। फिर मम्मी बोली के हम ऐसा क्या कर सकते हैं। फिर मैं बोली के कुछ भी कर सकते हैं। फिर काका बोला के रात को सब लोग अपने अपने घरों में सोये रहते हैं। अगर रात को तुम दोनों नंगी होकर गाँव की गलियों में घूमो और फिर हम गली में ही तुम्हारी चुदाई करेंगे तो कितना मजा आएगा। मैं बोली हाँ ऐसे तो कर सकते हैं। फिर मम्मी बोली के रात को भी कुछ लोग जागते रहते हैं अगर किसी ने देख लिया तो। फिर काका बोला के हम तुम दोनों के साथ रहेंगे और तुम्हारे कपड़े भी हम अपने साथ रखेंगे। अगर कहीं कुछ हुआ तो तुम अपने कपड़े पहन लेना। फिर काका बोला के ऐसा कुछ नहीं होगा। हम पहले मेरे घर की गली में घूमेंगे फिर हमे मजा आया तो हम बाकी गलियों में जाएंगे। हम सब काका की बात से सहमत हो गए। फिर मम्मी बोली के तो आज रात को ही शुरू करते हैं। फिर मम्मी ने दाई से भी चलने को कहा तो दाई बोली के ना आप लोग ही जाओ मुझे तो डर लगता हैं। फिर मैं बोली के मैं, पापा, काका और मम्मी ही चलेंगे। काका बोला के हाँ हम चारो ही चलेंगे। 

फिर हम चारों खेत में घूमने चले गए। फिर वहाँ काका मम्मी से करने लगा और मैं पापा से करने लगी। फिर हम शाम होने से पहले घर आ गए। फिर हमने नहाधोकर खाना खाया। फिर मैं और मम्मी तैयार होने लगी। मैंने और मम्मी ने मेरी लाई हुई सेक्सी ब्रा पैंटी पहनी। फिर मेकअप वगैरह किया। हम काफी सेक्सी लग रही थी। मैंने मेरा और मम्मी का एक एक सूट डालकर काका को दे दिया। फिर हम कुछ देर घर के अंदर ही घूमने लगे। फिर रात काफी हो गई तो हम चारों घर से निकलें। मैं और मम्मी आगे चल रही थी और पापा और काका हमारे पीछे पीछे चल रहे थे। फिर थोड़ी देर बाद हम गाँव में आ गए और हम गली में चलने लगे। आसपास काफी घर थे। जिससे मुझे और मम्मी को थोड़ी घबराहट हो रही थी तो हम एक दूसरे का हाथ पकड़कर चलने लगी। लेकिन कुछ देर चलने के बाद हमारा डर दूर हो गया और हम फिर बिना घबराये गाँव की गलियों में घूमने लगी। फिर एक जगह गली में ही पापा और काका ने हमें पकड़ लिया। फिर वो हमारे बदन से खेलने लगे तो मैं और मम्मी भी उनका पूरा साथ देने लगी। फिर मैंने और मम्मी ने अपनी ब्रा पैंटी भी उतार दी। फिर हम बिल्कुल नंगी होकर गली में घूमने लगी। साथ मे हम अपने बूब सहला रही थी और अपनी गाँड हिलाकर काका और पापा को दिखा रही थी। जिससे काका और पापा पूरे गर्म हो चूके थे। 

फिर काका के घर के पास ही एक गली थी। वो गली पक्की बनी थी तो उस गली के एक कार्नर में पापा और काका हमसे करने लगे। पापा  और काका नीचे से नंगे हो गए थे। फिर काका ने तो मम्मी को वहाँ घोड़ी बना लिया और मैं सीधी ही लेट गई थी तो पापा मेरे ऊपर आकर करने लगे। वो कर रहे थे तब मेरी और मम्मी की सिस्कारियाँ निकल रही थी। मैं तो फिर भी धीरे धीरे सिसकारी ले रही थी पर मम्मी थोड़ी ज्यादा ही तेज सिस्कारियाँ ले रही थी। जिस कारण रात में सिर्फ उनकी ही सिसकारी सुन रही थी। फिर वो झड़ गए तो हम खड़े हुए और फिर काका के घर चले गए और जाकर सो गए। 

फिर सुबह हमें लेट ही जाग आई। फिर मुझे जाग आई तो मैंने देखा के सब उठ चुके थे। फिर मैं खड़ी हुई और नंगी ही आँगन से बाहर चली गई। काका के आँगन के चारदीवारी की हुई थी और आगे काफी जगह पड़ी थी। फिर मैं बाहर आई तो देखा के काका दो आदमी के साथ बैठा हुआ था। ये तो अच्छा हुआ के उन दोनों का मुँह दूसरी तरफ थे नहीं तो वो मुझे नंगी देख लेते। लेकिन काका का मुँह मेरी तरफ ही था तो उसने मुझे देख लिया था और हँसने लगा था। फिर मैं उन्हें देखकर जल्दी से वापिस अंदर आ गई। फिर मैं कमरे में चली गई जहाँ पापा काका की बेटी से कर रहे थे और मम्मी उसकी बीवी से अपनी चूत चटवा रही थी। फिर इतने में काका भी आ गया तो उसने मुझे आकर पीछे से पकड़ लिया और मेरे बूब दबाने लगा। फिर वो कहने लगा के तुम नंगी बहुत अच्छी लगती हो। ये सुनकर मैं हँसने लगी। फिर मैं और काका कमरे से बाहर आँगन में आ गए। फिर काका बोला के अब धो आओ मुँह अब बाहर कोई नहीं हैं। फिर मैं नंगी बाहर गई और मुँह धोकर वापिस आ गई। काका मुझे ही देख रहा था। फिर मैं वापिस आई तो काका ने मुझे पकड़कर लेटा लिया औऱ मेरी चूत मारने लगे जोर जोर से।

हम कर ही रहे थे तब पापा और मम्मी बाहर आ गए और हमारे पास खड़े होकर देखने लगे। फिर काका कहने लगा तुम दोनों माँ बेटी कितनी गर्म हो। तुम्हें तो मन करता हैं के दिन भर चोदता ही रहूँ और भी काका ने काफी कुछ कहा। फिर काका झड़ने लगा तो मैं उठी और पापा मम्मी के सामने काका का लंड मुँह में लेकर चूसने लगी और सारा पानी पी गई। फिर मैं खड़ी हुई और मम्मी से लिप किस करने लगी। फिर पापा बोले के अब चलते हैं घर। फिर मैंने और मम्मी ने कपड़े पहने और हम घर जाने लगे। काका भी बोला के मैं भी चलता हूँ। फिर हम सभी चलकर घर जाने लगे। जब हम जा रहे थे तो काका बोला के तुम वो ही हो क्या जो कल रात को गली में नंगी घूम रही थी और अब जैसे सती सावित्री बनकर घूम रही हो। काका की बात पर हम सब हँसने लगे। फिर हम घर पहुँच गए। मम्मी को जोरों का पेशाब आ रहा था तो मम्मी नंगी हो गई और चौकी पर बैठकर पेशाब करने लगी। मम्मी की पेशाब की धार दूर तक जा रही थी। फिर काका चौकी से नीचे चला गया और मम्मी की पेशाब की धार के सामने खड़ा हो गया। फिर काका मम्मी के पेशाब से नहाने लगा। मम्मी भी अपनी पेशाब की धार काका पर गिराने लगी। ये देखकर मैं, पापा और मम्मी हँसने लगे जोर जोर से। फिर हम घर कर अंदर आ गए। फिर मम्मी तो काका के साथ नहाने चली गई और मैं और पापा दाई के पास बैठकर बातें करने लगे। फिर हमने दाई को सब कुछ बताया जो हमने रात को किया। फिर दाई बोली के फिर तो तुम लोगों ने रात काफी मस्ती की। फिर मैं बोली के हाँ। फिर मम्मी और काका नहाकर आ गए फिर मैं और पापा भी नहाकर आये और फिर हमने खाना खाया। हमें लगभग दोपहर ही हो चुकी थी।

हमें यकीन नहीं हो रहा था के हम गाँव मे नंगी घूम के आई। इसके बाद मैं और मम्मी और भी खुल गई। अब हमें लगने लगा था के अब चाहे कितने भी लोग हो हम उनके सामने नंगी होकर घूम सकती हैं। पहले तो हम थोड़ा घबरा गई थी पर बाद में काफी मजा भी आया था।

अगले भाग में भाग में बताऊंगी के मैं कंडोम बेचने वाली कैसे बनी औऱ फिर क्या क्या हुआ.....

11 Comments

  1. Gesa ase krnaa hi girl call kro

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  2. Mujhe aurato ki tatti khana bhot psnd h

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  3. Koi aurat mujhe apni badbudar tatti khilayegi 8810788720

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  4. Madarchod tere maa bap ne tuje isliye peda kiya tha kya bahan ke lode

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  5. Me khilaungi tatti tum he apni

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  6. Dicko.9325
    Msg kro
    Instagram p

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  7. Maaderchod bolo kub aay g part 2 salee

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