सुबह मुझे देर से जाग आई। फिर मैं उठी तो देखा के सास चूल्हे के पास बैठी हैं और चाय बना रही हैं। फिर मैं उठी और नंगी ही और पेशाब करके और मुँह धोकर आई। फिर मैं सास के पास चली गई और फिर सास ने मुझे चाय डाल दी तो मैं वहीं बैठकर पीने लगी। फिर सास मेरी चूत की तरफ देखकर बोली के रात तो तेरी हालात खराब कर दी होगी दोनों ने। तो मैं बोली के हाँ दोनों ने एक साथ किया था तो हालात खराब हो गई थी पर मजा भी बहुत आया था। फिर सास बोली के दोनों से साथ में कैसे किया। फिर मैंने उन्हें बताया के पति नीचे लैट गए फिर मैं उनके ऊपर उल्टी सो गई और उनका लंड चूत में ले लिया और फिर पीछे से राज ने डाल दिया। ये सब सुनकर सास अपनी चूत मसलने लगी। फिर मैं सास से बोली के रात तो आपने भी काफी मजे किये राज के साथ। तो सास बोली के तुमने देखा था। मैंने कहा हाँ मैंने और पति ने सब देखा था। फिर सास का मुँह शर्म से लाल हो गया। फिर सास ने कहा के फिर वो बोला नहीं कुछ देखकर। फिर मैंने कहा के मैंने पति को सब समझा दिया था पहले ही उन्हें कोई एतराज नहीं हैं इससे। वो तो खुद चाहते हैं के आप पूरे मजे ले अपनी जिंदगी के। फिर मैं सास से बोली के आपके दोनों बेटे काफी अच्छे है। आपकी किस्मत बहुत अच्छी हैं जो आपको ऐसे बेटे मिले हैं। फिर सास हँसने लगी तो मैं भी हँस दी।

फिर सास बोली के तू इन्हें अब उठा दे मैं बाहर जा रही हूँ। फिर सास बाहर चली गई तो मैंने पति और राज को उठाया। फिर वो नंगे ही उठकर मुँह वगेरह धोकर चाय पीने लगे। आँगन में धूप आ गई थी तो वो दोनों दीवार की छाया में चारपाई ढालकर नंगे ही बैठ हुए थे। मैं घर का काम कर रही थी। फिर मैंने खाना वगैरह बनाया और फिर झाड़ू निकाल रही थी झुककर तो वो मेरी गाँड देखकर गर्म हो गए और फिर अपना लंड सहलाने लगे। मुझे लगा के वो गर्म हो रहे हैं तो मैं जानबूझकर उन्हें अपनी गाँड हिलाकर दिखाने लगी। फिर राज मुझे उठाकर ले गए और पति के पास ले जाकर सुला दिया। फिर पति ने मुझे अपने ऊपर लेटा लिया और मेरे बूब दबाने लगे और नीचे से लंड डालकर करने लगे। पीछे से राज ने डाल दिया। फिर वो जोर जोर से करने लगे। मैं भी सिसकारियां काफी जोर जोर से ले रही थी। फिर सास अंदर आई तो हमे देखकर वापिस चली गई। फिर कुछ देर बाद दोनों झड़ गए तो दोनों ने अपना पानी मेरे अंदर ही डाल दिया। फिर मैंने दोनों के लंड चुसकर साफ कर दिए। फिर राज ने भी मेरी चूत और गाँड चाटकर साफ कर दी। फिर मैंने बचा हुआ घर का काम किया। फिर पति और राज तो नहाकर कमरे में चले गए। फिर मैं भी नहाकर आई और फिर खाना खाया। सास ने ससुर को खाना परोसा और मैंने पति और राज को। नहाने के बाद भी मैं ऐसे ही नंगी घूम रही थी। फिर खाना खाने के बाद बर्तन वगेरह साफ करके मैं कमरे में चली गई।

कमरे में जाकर में दोनों के बीच मे सो गई और उनके लंड पकड़कर सहलाने लगी। फिर मैं सास के बारे में बात करने लगी। मैंने पति से पूछा के नंगी सास को देखकर कैसा लगा। फिर मैं उनका लंड तो हिला ही रही थी फिर मैं बोली के अपनी माँ के बारे में सोचकर ही देखो इनका लंड कैसे खड़ा हो गया हैं। ये बात सुनकर वो हँसने लगे। फिर मैं बोली के अपनी माँ की गोरी गोरी गाँड और बूब देखकर चोदने का मन करता होगा ना। फिर पति ने अपने हाथ से अपना लंड पकड़ लिया और जोर जोर से हिलाने लगे। उन्हें देखकर मैं और राज हँसने लगे। फिर राज ने पीछे से मेरी गाँड में लंड डाल दिया और करने लगे धीरे धीरे। फिर पति ने भी आगे से मेरी चूत में डाल दिया फिर हम आपस मे चिपककर सो गए और वो दोनों धीरे धीरे कर रहे थे। फिर मैंने उन दोनों के बताया के मैंने सास को बता दिया के हम दोनों ने उन्हें राज से करते हुए देख लिया था। फिर पति बोले के फिर वो क्या बोली तो मैंने कहा के कुछ नहीं बोली। फिर पति बोले के फिर तो वो पूरी तरह तैयार हैं। फिर हम कुछ देर के लिए सो गए। 

लाइट चली गई थी तो हमें कमरे में गर्मी लग रही थी। बाहर आँगन में सास चारपाई पर बैठी थी छाया में। फिर पति हमेशा की तरह सेक्सी ड्रेस और ब्रा पेंटी लेकर आये थे। इस बार वो नेकलेस और झुमके वगैरह भी लाये थे। तो मैंने एक जोड़ी ब्रा पेंटी पहन ली और झुमके और नेकलेस पहन लिए। फिर मैं ऐसे ही बाहर चली गई और सास को दिखाने लगी। पीछे से पति और राज भी आ गए उन्होंने तब लूँगी पहन ली थी। फिर पति तो सास वाली चारपाई पर बैठ गए और राज दूसरी चारपाई पर लेट गए। फिर मैं भी राज वाली चारपाई पर बैठ गई। फिर हम ऐसे ही बातें करने लगे। फिर मेरा बेटा हार्दिक आया उठकर और मेरी गोद में बैठ गया। फिर वो मेरे बूब में अपना मुँह डालने लगा तो मैंने जानबूझकर पूछा के दुधु पियेगा। तो उसने हाँ में सर हिला दिया। फिर मैं अपनी ब्रा से एक बूब बाहर निकाल लिया और निप्पल उसके मुँह में दे दिया। पर वो ब्रा टाइट थी तो मैंने पीछे हाथ डालकर ब्रा के हुक खोलने चाहे। पर मुझसे नहीं खुले तो मैंने राज से कहा तो वो उठे और हुक खोल दिये। फ़ी ब्रा ढीली हो गई और मेरे दोनों बूब दिखने लगे। फिर मैंने पति को इशारा करके समझाया के वो भी सास के दूध पिये। फिर पति ने सास को पीछे से पकड़ कर बैठ गए और उनसे दूध पिलाने के लिए कहने लगे। फिर सास हँसने लगी। फिर पति ने सास का कुर्ता खोलने लगे तो सास ने भी हाथ ऊपर कर दिए और पति ने उनका कुर्ता खोलकर साइड में रख दिया। फिर वो सास के बूब दबाने लगे और उनकी गर्दन वगेरह पर किस करने लगे। फिर वो सास के निप्पल मुँह में लेके चूसने लगे। फिर मैंने भी ब्रा पूरी उतार दी और ऊपर से नंगी हो गई। 

फिर राज भी उठकर सास के पास चले गए और उनके बूब चूसने लगे। अब दोनों भाई अपनी माँ की बॉडी से खेलने लगें। फिर राज ने मौका देखकर अपनी लूँगी खोल दी और उनका लंड फूल खड़ा था। फिर पति भी अपनी लूँगी खोलकर सास के साइड में आकर बैठ गए। अब सास दोनों के बीच मे बैठी थी। फिर राज ने सास की सलवार का नाड़ा खोल दिया। फिर सास साथ में हंस रही थी और साथ में पति से कह रही थी के तू भी बेशर्म हो गया क्या। फिर दोनों ने सास को चारपाई पर पीछे की तरफ लेटा लिया और राज ने उनकी सलवार खोलकर घुटनों तक कर दी और फिर घुटनों से नीचे कर दी तो सास ने खुद अपने पैरों से अपनी सलवार निकाल दी। फिर राज वापिस मेरे पास आकर बैठ गए और पति सास के बूब चूसते रहे और उनकी चूत सहलाने लगे। फिर पति ने सास को सही ढंग से सुलाया और उनके ऊपर आकर उनकी बॉडी चूमने लगे। चूमते चूमते वो सास की चूत तक चले गए और फिर उनकी चूत चूसने लगे। सास तो मजे से पागल हो गई थी और पति का पूरा साथ दे रही थी। उन्हें देखकर मैं और राज भी काफी गर्म हो गए थे। फिर मैंने राज से  हार्दिक को ससुर के पास छोड़ कर आने के लिए कहा तो उन्होंने अपनी लूँगी पहनी और हार्दिक को ससुर के पास छोड़ने चले गए। फिर मैंने अपनी पैंटी उतार दी और चारपाई पर पैर फैलाकर सो गई और अपनी चूत सहलाने लगी।

फिर पति ने अपना लंड सास की चूत पर रगड़ने लगे और फिर धीरे धीरे अंदर डालने लगे। फिर इतने में राज वापिस आ गए तो उन्होंने अपनी लूँगी खोली और वो मेरे ऊपर आ गए। फिर पति ने अपनी स्पीड बढ़ा दी और सास को चोदने लगे। सास भी मजे से सिस्कारियाँ ले रही थी। फिर राज ने भी मेरी चूत में अपना लंड डाल दिया और करने लगे। कुछ देर हम ऐसे ही करते रहे। फिर पति सास की चूत में ही झड़ गए और उनके ऊपर ही सो गए। फिर राज भी मेरी चूत में झड़ गए। फिर पति ने सास को उल्टा लेटाया और उनकी गाँड चूमने लगे और बोले के इसे तो मैं रात को मारूंगा। फिर उन्होंने अपना मुँह सास की गाँड में डाल दिया। फिर ससुर चाय के लिए आवाज लगाने लगे तो मैं उठकर चाय बनाने चली गई। फिर पति ने अपनी लूँगी पहनी और वो ससुर के पास चले गए। फिर सास ने भी कपड़े पहने और वो भी उनके पीछे पीछे चली गई। फिर मैं चाय बनाकर लाई तो राज खड़े हुए और लूँगी पहनकर ससुर सास और पति के लिए चाय ले गए। मैं कमरे के गेट के पास ही चारपाई पर बैठकर चाय पीने लगी। फिर ससुर ने पूछा के बहु रो रही थी क्या। किसी के रोने की आवाजें आ रही थी। ससुर को शायद सास की सिस्कारियाँ सुन गई थी। फिर पति बोले के मम्मी की कमर दर्द कर रही थी तो बस उसकी ही मालिश कर रहा था। मम्मी को दर्द हो रहा था तो वो आवाजें कर रही थी। ये सब सुनकर हम सब एक दूसरे को देखकर मुस्कुराने लगे। फिर ससुर ने सास से कमर दर्द के बारे में पूछा तो सास बोली के अब ठीक है। फिर ससुर ने पेशाब करवाकर लाने को कहा तो राज ससुर को ले गए।

फिर उनके जाते ही मैं नंगी ही कमरे में चली गई और सास से उनकी कमर दर्द के बारे में फिर से उनसे पूछा तो फिर हम सब हँसने लगे। ससुर को पेशाब करवाने में कई देर लगनी थी। तो पति ने अपनी लूँगी खोल दी और फिर सास के पास जाकर पहले उनका कुर्ता निकाल दिया और फिर उनकी सलवार भी खोल दी और फिर उनको लेकर जहाँ ससुर सोते थे वहीं सो गए और उनकी बॉडी से खेलने लगे। मैं वहीं बैठकर उन्हें देखने लगी और साथ में ससुर और राज के आने का ध्यान रखने लगी। फिर पति ने सास को घोड़ी बनने को कहा तो सास बन गई तो पति उनकी गाँड पर अपना लंड रगड़ने लगे और फिर उनकी चूत में डालकर करने लगे। पति के धक्कों से पूरा बेड हिल रहा था और दोनों मजे से कर रहे थे। फिर पति झड़ने वाले हुए तो इतने में राज ससुर को लेकर टॉयलेट से चल पड़े थे। टॉयलेट थोड़ा दूर था तो वो धीरे धीरे ही आ रहे थे। फिर मैंने पति और सास को बताया तो सास पति से बोली के चल अंदर चलते हैं फिर पति बोले के वो झड़ने वाले हैं। फिर पति ओर जोर से धक्के लगाने लगे तो सास की पूरी बॉडी जोर जोर से हिल रही थी। राज और ससुर चौकी के पास पहुँचने वाले थे तब पति झड़ने लगे थे। फिर पति ने अपना लंड सास की चूत से बाहर निकाल लिया और सास की गाँड पर अपना पानी छोड़ने लगे। फिर राज ससुर को चौकी पर चढ़ाने लगे। फिर पति पूरे झड़ गए तो वो और सास खड़े हुए और अंदर जाने लगे। मैं उनके कपड़े लेकर उनके पीछे पीछे अंदर चली गई। फिर राज ससुर को बेड पर सुलाकर अंदर आ गए। सास की गाँड पर पति का पानी लगा था तो पति ने सास को चारपाई पर बैठने नहीं दिया। फिर पति ने सास से अपनी गाँड निकालकर दिखाने को कहा। पर सास को समझ नहीं आया के गाँड कैसे निकाले। तब मैंने सास को अपनी गाँड निकालकर दिखाई फिर मुझे देखकर सास ने भी अपनी गाँड थोड़ी झुककर बाहर निकाल ली और दिखाने लगी। सास की गाँड बड़ी थी तो काफी सेक्सी लग रही थी। फिर मैंने अपनी गाँड थोड़ी हिलाकर दिखाई तो फिर सास भी अपनी गाँड हिलाकर दिखाने लगी और साथ में हँस रही थी। फिर मैं सास के पास गई और उनकी गाँड पर लगा पति का पानी चाटने लगी। पानी उनकी गाँड से बहकर पैरों तक आ गया था।

अगले भाग में बताऊंगी के आगे रात को क्या क्या हुआ और पति ने सास के साथ सुहागरात कैसे मनाई.......


                               सास की पति के साथ सुहागरात

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