मैं और भाई जाकर बैठ गए और नाइटी देखने लगे। फिर उस दुकानदार ने मेरा साइज पूछा तो मैंने झट से बता दिया। फिर वो मुझे नाइटी दिखाने लगा। वहाँ काफी सारी अलग अलग डिज़ाइन की ब्रा और पैंटी भी थी। फिर मैं वो भी देखने लगी। फिर दुकानदार ने पूछा के कौनसे कलर की दिखाऊँ। फिर मैंने उसे दो तीन कलर बताए तो उसने हमारे सामने काफी सारी ब्रा पैंटी निकालकर रख दी। फिर मैंने उनमें से कुछ पसंद कर ली। मैं उस दुकानवाले से काफी हंस हँसकर बातें कर रही थी और उसे अपने दुपट्टा नीचे गिराकर बोबो के दर्शन भी करवा दिए थे। फिर मैं वहाँ उन सबके सामने ही अपने बोबो पर ब्रा लगाकर देखने लगी। फिर वो दुकानदार बोला के आप ऊपर जाकर पहनकर देख सकती हो। उसकी दुकान ज्यादा बड़ी नहीं थी और वो दुकान में अकेला ही था। वो दुकानदार पतला सा था और दिखने में ठीक ठाक था। फिर मैंने और भाई ने कई सारी ब्रा पैंटी और नाइटी उठाई और ऊपर चल पड़े। ऊपर गए तो ऊपर भी काफी समान पड़ा था। चेंज करने के लिए कोई अलग से कमरा नहीं था तो फिर मैं वहीं ऊपर ही उस कमरे के बीच मे खड़ी होकर अपने कपड़े खोलने लगी और फिर पूरी नंगी हो गई। फिर मैं एक एक करके ब्रा पैंटी और नाइटी पहन के देखने लगी। भाई मुझे देखकर गर्म होने लगा। फिर मैंने काफी सारी ब्रा पैंटी चेंज की और भाई को दिखाई। फिर मैं वहाँ पड़ी और भी ब्रा पैंटी पहन पहन के देखने लगी।

मुझे देखकर भाई तो गर्म हो ही चुका था और मैं भी थोड़ी थोड़ी गर्म होने लगी थी। फिर मैंने कहा के यहीं कर लेते हैं। फिर भाई बोला के और ये दुकानदार। फिर मैं भाई की तरफ मुस्कुराकर बोली के ये भी क्या याद रखेगा। फिर भाई भी मुस्कुराने लगा। फिर मैंने तब जो ब्रा पैंटी पहन रखी थी उसकी ब्रा के हुक खोल दिये और फिर सीढ़ियों से थोड़ी नीचे गई उस दुकानदार से बोला के इस ब्रा के हुक नहीं लग रहे हैं। मैं तब ब्रा पैंटी में थी और दुकानदार तो मुझे देखता ही रह गया। तब नीचे उसके पास कोई और ग्राहक नहीं थे। वो तो मुझे देखता ही रह गया। फिर मैंने उसे ऊपर आने के लिए बोला तो वो कुछ देर मैं ऊपर आ गया। फिर उसने भाई की तरफ देखा तो भाई मुस्कुराने लगा और मैं उसकी तरफ अपनी नंगी पीठ किये खड़ी थी। फिर मैंने उसे अपनी ब्रा के हुक लगाने के लिए कहा तो वो धीरे धीरे मेरे पास आया और फिर वो हुक लगाने लगा। मैंने थोड़ी टाइट ब्रा पहनी थी तो हुक नहीं लग रहे थे। पर वो थोड़ी देर तक हुक लगाने की कोशिश करता रहा पर हुक नहीं लगे। फिर मैंने उससे बोला के नहीं लग रहे हैं तो छोड़ दीजिए मैं कोई दूसरी पहन लेती हूँ। फिर मैं वैसे ही दूसरी ब्रा देखने लगी और जैसे ही झुकी तो ब्रा के हुक तो खुले ही थे और ब्रा नीचे गिर गई और फिर मैं ऊपर से नंगी हो गई और सीधी खड़ी हो गई। मैंने अपने बूब भी नहीं छुपाए। फिर वो आंखें आंखें फाड़ फाड़ कर मेरे बूब देखने लगा। मैं भी उसे अपनी छातियों का उसे भरपूर नजारा लेने दिया। फिर कुछ देर मैं अपनी गाँड मटकाती हुई उसके पास गई और उसके सामने खड़ी होकर उसे अच्छे से अपने बूब दिखाने लगी। फिर मैंने उसके हाथ पकड़े और अपने बूब पर रख दिये तो वो मस्ती से मेरे बूब दबाने लगा।

फिर मैंने उसकी पेंट के ऊपर से ही उसका लंड सहलाने लगी। उसका लंड पूरा खड़ा था। फिर मैंने उसकी पेंट के हुक खोल दिये तो पेंट नीचे गिर गई फिर मैंने उसका अंडरवियर नीचे करके उसका लंड हाथ से सहलाने लगी। फिर मैंने इशारे से उसे अपनी पैंटी खोलने को कहा तो वो घुटनो के बल बैठकर मेरी पैंटी खोलने लगा। उसका मुंह बिल्कुल मेरी चुत के सामने ही था तो वो मेरी चुत को देखे जा रहा था। फिर मैंने उसका खड़ा किया और उसकी शर्ट के बटन खोलकर उसे ऊपर से नंगा कर दिया और उसने नीचे से भी अपना अंडरवियर उतार दिया। फिर मैं उसके सीने से लग गई और मेरे नंगे बूब उसकी छाती से लग रहे थे। वो काफी गर्म हो चुका था तो फिर वो मेरी बॉडी सहलाने लगा। इतने में भाई भी नंगा होकर हमारे पास आ गया और आकर मेरे पीछे खड़ा हो गया। फिर वो दोनों मर्द मेरे बदन से खेलने लगे। फिर मैं नीचे बैठकर उस दुकानदार का लंड चुसने लगी। थोड़ी देर चुसने के बाद ही वो झड़ गया तो मैंने थोड़ा गुस्सा होने का नाटक किया और फिर मैं भाई का लंड चुसने लगी। फिर थोड़ी देर चुसने के बाद भाई मुझे पहले घोड़ी बनाकर चोदने लगा और फिर अलग अलग पोज में चोदा। हमे देखकर उसका लंड खड़ा हो गया तो फिर मैं उसके सामने घोड़ी बन गई और उसे गाँड मारने के लिए इशारा किया तो फिर वो मेरे पीछे आकर मेरी गाँड मारने लगा और फिर बस कुछ झटकों में ही वो फिर से झड़ गया।

फिर मैंने उसे बोला के पहले किसी को चोदा नहीं क्या। फिर वो मुँह लटकाकर खड़ा हो गया और फिर भाई आकर मेरी गाँड मारने लगा और फिर वो काफी कस कस कर मुझसे करने लगा और फिर हम दोनों साथ ही झड़ गए। फिर वो दुकानदार भाई से बोला के ऐसी औरत को खुश करने के लिए आप जैसा ही मर्द होना चाहिए। फिर मैं और भाई खड़े हो गए। फिर वो दुकानदार मुझसे बोला के आप इतनी सुंदर हो के आपको तो नंगी देखकर ही पानी निकल जाए और साथ भी ऐसा ही हुआ। फिर मैं उससे हँसकर बोली के कोई बात नहीं। फिर हमने अपने कपड़े पहने और नीचे आ गए। फिर मैंने कुछ ड्रेसेस ली और फिर उसे पैसे देने लगी तो वो बोला के पैसे नहीं चाहिए आप एक बार सामने फिर से नंगी हो जाओ। फिर मैं उसे देखकर मुस्कुराने लगी। फिर मैं और वो ऊपर चले गए और भाई नीचे ही बैठा रहा। फिर मैं नंगी हो गई और उसे अपना बदन दिखाने लगी। फिर वो मुझे देखकर गर्म हो गया तो वो भी नंगा हो गया। उसका लंड खड़ा था तो मैंने उसका लंड पकड़कर चुत में डाल लिया तो वो फिर मुझे चोदने लगा। फिर वो झड़ने लगा तो उसने लंड बाहर निकाल लिया और फिर उसके लंड का पानी मेरे पेट, बूब और चेहरे पर गिर गया। फिर झड़ने के बाद उसने एक कपड़े से मुझे पोंछ दिया और फिर कपड़े पहनकर हम नीचे आ गए। फिर हम सामान लेकर वापिस आ गए।

आगे बताऊंगी के मैंने कैसे और कितने मर्दों से अपनी चुत मरवाई...

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