अंधेरा होने वाला था तो मैंने सास से कहा के मैं दूध निकालने जा रही हूँ। फिर मैं बाल्टी लेकर ऐसे ही नंगी जाने लगी तो भुआ ने कहा के ऐसे ही जाएगी। पीछे वो नौकर हैं उसके सामने ऐसे ही जाएगी क्या। फिर सास ने मुझसे बोला के तू जा मैं बताती हूँ। फिर सास ने भुआ को बताया के पति और राज मुझे खेत मे नंगी करके चोदते हैं। इस नौकर के सामने भी मुझसे करते रहते हैं तो मैं नौकर के सामने नंगी ही चली जाती हूँ। ये सब बातें सास ने मुझे बाद में बताई। फिर मैं दूध निकालने गई तो नौकर नंगा ही था और मेरे जाते ही मुझे अपनी बाहों में ले लिया। मैं भी नौकर के गले लग गई फिर नौकर ने मुझे घोड़ी बनाया और करने लगा। फिर नौकर झड़ गया तो मैं दूध निकालने लगी और साथ में नौकर से बातें करने लगी। फिर मैंने नौकर को भुआ के बारे में भी बताया। फिर मैं दूध निकालकर अंदर आ गई। इतने में सास ने खाना बना लिया था। फिर भुआ की दोनों लड़कियों ने खाना खाया और हार्दिक को भी खाना खिलाया और फिर मैंने उन तीनों को दूसरे कमरे में सोने के लिए भेज दिया। फिर राज और पति भी आ गए तो मैंने उन्हें भी खाना खिलाया और फिर वो कमरे में चले गए। फिर मैंने, सास और भुआ ने खाना खाया। फिर मैंने बर्तन वगैरह साफ किए। फिर भुआ ने मुझसे पूछा के तुझे शर्म नहीं आती नौकर से। मैंने कहा शर्म करूँगी तो मजे कैसे लूँगी। नौकर की शादी नहीं हुई हैं तो पति और राज उसे तड़पाने के लिए जानबूझकर मुझे उसके सामने नंगी रखते हैं। वो भी नंगा ही रहता हैं और मुझे देखकर अपना लंड हिलाता रहता हैं। फिर भुआ बोली क्या वो भी नंगा रहता हैं। मैंने कहा के हाँ। मेरे मुँह से लंड निकल गया था पर भुआ ने कुछ नहीं कहा तो फिर मैं जानबूझकर ऐसे शब्द बोलने लगी।
फिर कुछ देर बाद हम कमरे में गए तो देखा के पति और राज वो मैगज़ीन देख रहे थे जो पति मेरे लिए लाते थे। फिर वो मैगज़ीन लेकर वो भुआ और सास के पास चले गए। फिर वो सास और भुआ को वो दिखाने लगे। सास और भुआ भी वो देखने लगी। राज तब भुआ के सामने अपने घुटनों पर बैठा था फिर वो जाकर भुआ के साथ रजाई में बैठ गया बिल्कुल भुआ के साथ लगकर। पति भी सास के साथ बैठे थे और सास शायद उनका लंड भी सहला रही थी रजाई में। फिर राज भुआ के बूब सहलाने लगे तो पहले तो भुआ ने थोड़ा रोका पर फिर वो कुछ नहीं बोली। फिर सास लेट गई तो राज भी सास के साथ लेट गए। फिर भुआ भी लेट गई तो राज उनसे चिपक कर सो गया। भुआ के बूब राज की छाती पर लग रहे थे। फिर भुआ दूसरी तरफ करवट लेकर सोई तो पीछे से राज का लंड उनकी गाँड पर लगने लगा तो भुआ फिर राज की तरफ मुँह करके सो गई। राज कुछ ज्यादा ही गर्म हो गए थे तो वो उठे और भुआ के ऊपर आ गए और अपना लंड उनकी चूत पर रगड़ने लगे और उनके बूब चूसने लगे। मैंने सोचा राज भुआ से कर रहे हैं। फिर थोड़ी देर बाद ही राज उठे और मेरे पास आ गए। फिर राज रजाई में मुझसे करने लगे। उधर पति रजाई में सोये सोये सास से कर रहे थे।
भुआ के गठिया की बीमारी थी। भुआ को देखने मे तो ऐसा लगता जैसे उन्हें कोई बीमारी नहीं हैं। रात को जैसे जैसे ठंड ज्यादा बढ़ती वैसे वैसे भुआ का जोड़ जोड़ दर्द करने लग जाता था। भुआ दवाई वगैरह लेती थी। पर उस दिन उनकी दवाई खत्म हो गई थी। फिर भुआ दर्द से तिलमिलाने लगी। फिर हम सब उठ गए। मैं और राज उनसे थोड़ा दूर सोये थे फिर हम उठकर उनके पास चले गए। सास और पति तो उनके पास ही सोये थे तो वो उठकर बैठ गए। फिर सास ने कहा के इसकी गर्म तेल से मालिश करनी होगी तभी दर्द बन्द होगा। फिर मैं जल्दी से तेल गर्म करके ले आई। फिर राज ने भुआ के ऊपर से रजाई हटाई और थोड़ा थोड़ा तेल लेकर मालिश करने लगे। राज को काफी अच्छी मालिश करनी आती थी। फिर राज जैसे जैसे मालिश करते जा रहे थे वैसे वैसे भुआ को आराम मिलता जा रहा था। भुआ तो आँख बंद करके सोई थी आराम से। फिर मैंने सोचा के मैं बच्चो को संभाल आती हूँ। फिर मैं दूसरे कमरे में चली गई। देखा तो वो सब सोये थे। फिर मैं उनको रजाई वगैरह ठीक से ओढ़ाने लगी तो इतने में वो दोनों लड़कियां जाग गई। फिर मैं जाकर उनके बीच मे सो गई। फिर वो दोनों मुझसे चिपक कर सो गई। वो दोनों नंगी ही सोई थी। फिर मुझे भी वहीं नींद आ गई।
सुबह मैं उठी और उठकर चाय वगैरह बनाई फिर मैंने पहले चाय उन लड़कियों को पिलाई फिर वो तो चाय पीकर फिर से सो गई। फिर मैं चाय लेकर दूसरे कमरे में गई। वहाँ देखा तो वो भी सो ही रहे थे। पति सास के साथ सोये थे और राज भुआ के साथ ही सो गए थे। फिर मैंने सबको जगाया और सब चाय पीने लगे। फिर भुआ राज से कहने लगी तेरी मालिश से रात मुझे काफी अच्छी नींद आई। फिर राज ने भुआ की कमर में हाथ डालकर उन्हें अपनी तरफ खींच लिया और फिर बोले के ऐसी मालिश तो मैं आपकी रोज कर दूँ। राज की बात सुनकर हम सब हँसने लगे। फिर राज बोले के मेरी भी मालिश कर दो। भुआ बोली के बोलो कहाँ करनी हैं फिर राज ने अपने लंड पर भुआ का हाथ रखते हुए बोले के यहाँ। फिर पहले तो भुआ ने हाथ हटा लिया लेकिन राज ने फिर भुआ का हाथ अपने लंड पर रख लिया तो भुआ राज का लंड सहलाने लगी। फिर पति ने भी सास का हाथ अपने लंड पर रख लिया तो फिर सास भी उनका लंड हिलाने लगी। फिर सास हँसती हुई बोली के हमें भी तुम लोगों ने बेशर्म बना दिया। फिर सास और भुआ हँसने लगी। फिर राज ने भुआ को अपनी गोद मे बैठा लिया और उनकी बॉडी से खेलने लगे। फिर भुआ ने कुछ नहीं बोला और वो भी राज का साथ देने लगी।
फिर इतने में भुआ की दोनों लड़कियाँ कमरे में आ गई। तब उन्होंने देखा के उनकी मम्मी राज की गोद में नंगी बैठी हैं। फिर वो दोनों आकर मेरे पास रजाई में बैठ गई। फिर मैं भी उन लड़कियों की चूत सहला देती और उनके बूब वगैरह दबा देती तो वो थोड़ी शर्मा जाती। फिर भुआ ने पूछा के आगे और क्या करना उपाय में। फिर मैं बोली के घर के सभी मर्दों को नंगे होकर सास की पूजा करनी हैं एक देवी की तरह। फिर सास को ससुर के किसी उत्तराधिकारी से शादी करनी हैं और उससे संबंध बनाना हैं। फिर सास को किसी पराए मर्द से संबंध बनाना हैं ताकि ससुर की आत्मा को उन पापी आत्माओं से छुटकारा मिल सके। फिर भुआ बोली के भाभी किसी बाहर के आदमी से करेगी तो फिर तो वो सब को बता देगा। फिर मैं बोली के नौकर से कर लेगी किसी को पता नहीं चलेगा। फिर भुआ बोली के हाँ ये ठीक रहेगा।
बाहर दिन निकल गया था। फिर मैंने कहा के चलो फ्रेश होकर आते हैं फिर काम भी तो करना हैं। फिर मैं भुआ और सास से आज फ्रेश होने के लिए पीछे के टॉयलेट में चलने को कहा। फिर भुआ बोली के पीछे तो वो नौकर होगा। फिर राज बोले के वो नौकर आपको खा थोड़ी जाएगा। बेचारा वो भी आपको नंगी देख लेगा। फिर हम सब हँसने लगे। फिर हम उठे और पीछे की तरफ जाने लगे। बाहर सर्दी थोड़ी ज्यादा थी पर हम अंदर से गर्म थे तो सर्दी नहीं लग रही थी। भुआ के गठिया होने के कारण भुआ का शरीर काफी फुला हुआ था। जिसके कारण चलते टाइम उनकी गाँड हिल रही थी। पति और राज सास और भुआ के पीछे अपना लंड हिलाते हुए चल रहे थे। फिर उनके पीछे मैं और भुआ की दोनों लड़कियां चल रही थी। फिर हम सब पीछे पहुंच गए। टॉयलेट एक ही था। फिर पहले भुआ अंदर गई तो अंदर काफी दुर्गंध आ रही थी क्योंकि टॉयलेट ऊपर तक भर गई थी। फिर वो तुरंत बाहर आ गई और बोली के ऐसी टॉयलेट में नहीं जाया जाएगा मुझसे। फिर राज बोले के तो बाहर बैठकर ही कर लो बाद में नौकर उठाके अंदर डाल देगा। फिर राज और पति ने वहाँ सबके लिए दो दो ईंटे रख दी और सब उसपर बैठकर करने लगे। हम लैटरिंग कर रहे थे तभी वहाँ नौकर आ गया। नौकर आ रहा था तभी राज ने उसे इशारे से नंगा होने के लिए कह दिया था तो वो फिर हमारे पास नंगा होकर आ गया। फिर राज ने नौकर से हमारी लैट्रिन उठाने के लिए बोल दिया। भुआ अपनी जवान नंगी बेटीयों के सामने नंगी होकर लैट्रिन बैठ रही थी। फिर पहले पति और राज ने लैट्रिन कर ली तो वो वहाँ डिग्गी के पास जाकर अपनी गाँड धोकर आ गए। फिर मैंने कर ली तो मेरी गाँड भी राज ने धो दी। फिर भुआ ने लैटरिंग कर ली तो वो पानी मांगने लगी पर राज ने बोला के यहाँ आजाओ मैं धो दूँगा। फिर भुआ डिग्गी के पास गई तो राज ने उन्हें बैठाकर उनकी गाँड धोने लगे। गाँड धोते टाइम राज ने भुआ की गाँड और चूत अच्छे से सहलाई। फिर सास आई लैटरिंग बैठकर तो उनकी गाँड पति ने धोई। फिर राज ने भुआ का हाथ अपने लंड पर रख दिया और खुद उनकी गाँड सहलाने लगे। ऐसा ही पति ने किया। फिर भुआ की लड़कियां आई तो उनकी गाँड मैंने धोई। फिर नौकर हम सबकी लैटरिंग उठाकर अंदर डालने लगा। फिर हम सब अंदर आ गए। अंदर आ रहे थे तब राज का हाथ भुआ की गाँड पर ही चल रहा था। पीछे पीछे उनकी बेटियां ये सब देख रही थी।
फिर मैंने पति, राज, भुआ और सास से नहाने के लिए कहा। क्योंकि उस दिन गाँव वगैरह के लोग आने वाले थे। फिर वो नहाकर कपड़े पहनकर कमरे में जाकर बैठ गए। मैं औऱ वो लड़कियां घर का काम करने लगी। मैंने उन दोनों लड़कियों से भी कपड़े पहन लेने को कहा। फिर मैंने भी कपड़े पहन लिए। फिर लोग आने लगे तो हम सब अपने अपने काम मे लग गए।
अगले भाग में बताऊंगी के राज ने भुआ के सामने मुझसे कैसे किया और घर के सभी मर्दों ने नंगे होकर सास की पूजा कैसे की और फिर राज ने भुआ से मस्ती की.....

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