अगली सुबह फिर मैं ही उठी सबसे पहले। फिर मैंने देखा के भुआ अपनी एक बेटी से चिपककर सोई हैं और राज भुआ की दूसरी बेटी के साथ चिपक कर सो रहे हैं। राज तो शरीर से काफी लंबे चौड़े थे और भुआ की लड़की पतली सी थी। तो वो राज के साथ सोई काफी सेक्सी लग रही थी। फिर मैंने उठकर सबके लिए चाय बनाई और फिर चाय लेकर कमरे में आ गई। मेरा बेटा दूसरे कमरे में सोया था तो मैंने पहले उसे दूध पिलाया और फिर उसे वापिस सुला दिया। फिर मैंने सास को जगाया फिर सास ने पति को जगाया फिर भुआ भी जाग गई और फिर राज भी जाग गए। फिर सब चाय पीने लगे। चाय पीने के बाद पति सास के पास से उठकर भुआ की बेटी के साइड में आकर बैठ गए। फिर भुआ की बेटियां भी कुछ कम नहीं थी उन्होंने भी उन दोनों के लंड पकड़ लिए और सहलाने लगी। वो तब काफी सेक्सी लग रही थी। फिर राज और पति भी भुआ की लड़कियों के छोटे छोटे बूब के निप्पल पकड़कर खींचने लगे और मस्ती करने लगे। फिर राज उठकर भुआ के पास आ गए। फिर राज भुआ के बूब दबाने लगे और भुआ से कहने लगे के हाय भुआ मुझे अपना मर्द बना ले। फिर भुआ भी हँसकर बोली के आधा मर्द तो बन चुका हैं बस आधा बनना ही बाकी हैं। भुआ की बात सुनकर है हम सब हँसने लगे। फिर पति भी उठकर आ गए और मैं भुआ के साइड में बैठी थी। फिर मैं उठकर भुआ की लड़कियों के बीच में जाकर बैठ गई और पति मेरी जगह बैठ गए।

फिर भुआ पति और राज दोनों के लंड पकड़कर हिलाने लगी। मैं भुआ की लड़कियों की चूत पर हाथ रखकर सहलाने लगी तो फिर उन्होंने भी मेरी चूत पर रख दिया। फिर मैं उन्हें अपनी चूत खोलकर दिखाने लगी। उन्हें तब तक चूत लंड क़ का ज्ञान नहीं था वो बच्ची ही थी। फिर मैं उन्हें समझाने लगी के ये चूत हैं इसमें फिर राज के लंड की तरफ इशारा करके बताया के वो लंड हैं वो इसमें जाता हैं। फिर मैंने कहा के तुम अपनी चूत किसी को सोच समझकर ही देना नहीं तो बदनामी हो जाएगी तुम्हारी मम्मी की। वो दोनों मेरी बातें ध्यान से सुन रही थी। फिर मैंने कहा के तुम्हारी चूत अभी तक लंड लेने के लायक नहीं हुई हैं तो तुम बस अब अपनी चूत में उंगली ही करके काम चलाओ। फिर मैं बीच वाली उंगली अपनी चूत में लेकर हिलाने लगी तो फिर वो दोनों भी ऐसा करने लगी। फिर भुआ हमारी बातें सुन कर बोली के इन्हें अच्छे से समझा दे कहीं ये ऐसे वैसे का लंड ना ले ले। फिर मैं बोली के मैंने समझा दिया। फिर राज ने भुआ की निप्पल जोर से दबाई तो भुआ जोर से चीखी। फिर हम सबका ध्यान उनकी तरफ चला गया। फिर राज भुआ से बिल्कुल खुलकर बातें करने लगे और कहने लगे के भुआ तुम चलती हो तुम्हारी गाँड बहुत हिलती हैं तब जी करता हैं पकड़ के चोद डालूँ।

फिर भुआ भी बोली के चोद डाल तो। तेरी भुआ हूँ। फिर भुआ बोली के आज तो तू अपनी माँ की गाँड मारेगा। उनकी चूत चोदेगा। फिर राज बोला के हाँ माँ की चूत लेने का बहुत मन कर रहा हैं। फिर भुआ हँसकर बोली के बेशर्म कहीं का। राज की बात सुनकर सास भी मुस्कुराने लगी। फिर मैंने कहा के फ्रेश होने चलते हैं। फिर हम सब खड़े हुए और पीछे की तरफ जाने लगे। हम पीछे जा रहे थे तब भुआ की गाँड हील रही थी तो राज ने भुआ की गाँड पर जोर से थप्पड़ मारा। फिर भुआ बोली के धीरे मार लगती हैं। फिर राज बोला के अभी तो मारी ही नहीं। फिर भुआ राज की तरफ देखकर मुस्कुराने लगी। फिर पति ने भी सास की गाँड पर थप्पड़ मारा। फिर सास बोली के बेशर्म। फिर हम सब हँसने लगे। हम पीछे पहुँच गए तो हम सब कल की तरह ही बाहर ही बैठकर लैट्रिन करने लगे। फिर राज ने भुआ से अपना पेशाब पिलाने को कहा। फिर भुआ बोली के कोई पेशाब भी पीता हैं क्या। फिर मैं बोली के जो औरत बहुत सुंदर होती हैं उसका तो मर्द पेशाब पी लेते हैं और लैट्रिन भी खा लेते हैं। फिर भुआ खड़ी हुई और बोली के आजा पी ले मेरा पेशाब। फिर राज उठकर भुआ के पास चले गए। फिर राज ने भुआ को अपनी चूत आगे की और निकालकर खड़ी होने को कहा तो भुआ वैसे ही खड़ी हो गई। फिर राज ने भुआ से अपनी चूत चौड़ी करके मूतने के लिए कहा। तो भुआ ने वैसे ही किया। फिर भुआ मूतने लगी तो पेशाब राज के मुँह में जाने लगा और कुछ उनके शरीर पर गिर रहा था। फिर जब सास ने पेशाब कर लिया तो राज का पूरा मुँह भुआ के पेशाब से भर गया था और राज पूरा पेशाब पी गए।

फिर नौकर भी वहीं खड़ा था तो मैंने नौकर को अपना पेशाब पीने को कहा तो नौकर मेरे आगे आकर बैठ गया फिर मैं नौकर पर पेशाब करने लगी। मैं अपने पेशाब की धार कभी नौकर के मुँह में चलाती तो कभी उसके शरीर पर। फिर मैंने नौकर को अपना पेशाब पिला दिया। फिर राज ने सास को पेशाब पिलाने को कहा। फिर सास अपनी चूत आगे निकालकर मूतने लगी तो इस बार राज ने अपना लंड सास की चूत के सामने कर दिया। सास का पेशाब राज के लंड पर गिरने लगा तो राज साथ मे अपना लंड हिलाने लगे। राज के लंड और सास की चूत में दूरी बस थोड़ी सी थी। राज भी अपना लंड आगे की और निकालकर खड़े थे। फिर राज भुआ का जो लैट्रिन पड़ा था उसके पास जाकर बैठ गए और राज ने अपना मुँह भुआ की लैट्रिन के पास ले गए और अपनी जीभ निकालकर भुआ का लैट्रिन चाटने लगे। ये देखकर भुआ हैरान रह गई और बोली के तुझे मैं इतनी अच्छी लगती हूँ क्या जो तू मेरा लैट्रिन भी खाने लगा। राज ने फिर भुआ की तरफ देखा तो दोनों एक दूसरे को देखने लगे। फिर राज खड़ा होकर भुआ के पास आया और भुआ की गाँड में अपना मुँह दे दिया तो भुआ भी आगे की और झुककर खड़ी हो गईं औऱ फिर राज ने भुआ की गाँड चाटकर साफ कर दी। फिर भुआ और राज एक दूसरे की तरफ देखकर मुस्कुराने लगे। फिर भुआ ने राज का हाथ पकड़ा और उसे डिग्गी के पास ले गई और उनका मुँह वगेरह धुलवाया। फिर भुआ ने पानी से राज की बॉडी साफ करने लगी जिस पर उनका पेशाब लगा था। भुआ राज की बॉडी पर ठंडा ही पानी डाल रही थी। फिर भुआ राज को साफ करके अपने साथ अंदर ले गई। फिर हम सब भी अंदर आ गए।

फिर हम सब फिर कमरे में जाकर रजाई में घुस गए। मैं और भुआ की बड़ी बेटी एक रजाई में बैठ गई। सास पति के साथ ही थी और राज भुआ और भुआ की छोटी बेटी के साथ एक रजाई में थे। भुआ की छोटी बेटी तो राज का लंड सहला रही थी और राज भुआ के बूब चूस रहे थे। फिर राज भुआ के ऊपर आ गए और भुआ को नीचे लेटाकर उनके पैर पूरे खोल दिए। फिर राज ने अपना लंड भुआ की चूत पर रख दिया और अपने लंड से भुआ की चूत सहलाने लगे। भुआ और हम सबको लगा जैसे राज भुआ की चूत में लंड डाल ही देंगे आज। ये देखकर मैं अपनी चूत सहलाने लगी। फिर मेरे साथ बैठी भुआ की बड़ी बेटी भी अपनी चूत सहलाने लगी। भुआ और राज के पास बैठी भुआ की छोटी बेटी का हाथ भी अपनी चूत पर था। पति और सास भी अपना चूत लंड सहला रहे थे। फिर काफी देर तक राज अपने लंड से भुआ की चूत रगड़ते रहे। फिर भुआ झड़ने लगी तो राज ने अपना मुँह भुआ की चूत पर लगा दिया और भुआ का सारा पानी पी गए। फिर भुआ राज से थोड़ी गुस्से में बोली के क्यों तड़पा रहा हैं मुझे ऐसे डाल क्यों नहीं देता अपना लंड मेरी चूत में। फिर राज बोले के एक दिन लंड तो डालना ही हैं। पहले तुम्हें थोड़ा तड़पालूं। तड़पने के बाद लंड लोगी तो मजा दुगुना आएगा। फिर राज भुआ के गालों पर किस करने लगे। पहले तो भुआ मुँह फुलाकर बैठी थी लेकिन फिर हँसने लगी। फिर राज भुआ के होंठों पर किस करने लगे और काफी देर तक करते रहे। फिर राज ने अपने होंठ भुआ के होंठों से हटाए तो फिर भुआ शर्माकर हँसने लगी। अपनी मम्मी को राज के साथ ऐसे रोमांस करते देख मेरे साथ बैठी भुआ की बड़ी बेटी का बुरा हाल हो गया और वो अपनी चूत जोर से हिलाने लगी। फिर मैंने उसका हाथ उसकी चूत से हटाया औऱ फिर उसकी चूत में अपनी उंगली डाल दी और अंदर बाहर करने लगी। फिर वो पहले बैठी थी और फिर वो लेट गई। फिर वो झड़ने लगी तो मैंने उसकी चूत पर अपना मुँह रख दिया और उसका सारा पानी पी गई। फिर वो मेरी तरफ देखकर मुस्कुराने लगी। फिर वो कुछ देर तो सोई रही और फिर मैंने उसे अपनी चूत चूसने को कहा तो वो मेरी चूत चूसने लगी। फिर भुआ ने आज सास और राज की शादी के बारे में पूछा। तो फिर मैं बताने लगी के राज और सास को तैयार करके घर के मंदिर में ले जाएंगे। फिर वहाँ राज सास को मंगलसूत्र पहना देंगे और सास की मांग भर देंगे। बस हो गई शादी। फिर राज सास के साथ वहीं सुहागरात मनाएगा जहाँ ससुर ने आखिरी सांस ली थी। फिर एक तरह से ससुर की जगह राज ले लेगा।

मैं ये सब बता रही थी तब भुआ की बेटी मेरी चूत चूस रही थी तो मुझसे बड़ी मुश्किल से बोला जा रहा था। फिर मैं झड़ गई तो वो भी मेरा सारा पानी पी गई। फिर मैं भी शांत हो गई। फिर मस्ती मस्ती में टाइम का पता ही नहीं चला और बाहर पूरा दिन निकल गया। फिर मैंने भुआ की दोनों बेटियों से काम पर लगने को कहा और भुआ, सास, राज और पति से जल्दी से नहा लेने को कहा। मैं खुद पीछे की तरफ दूध निकालने चली गई। फिर पीछे गई तो नौकर का मूड बना हुआ था और उसने मुझे बाहर ही पकड़ लिया। फिर मैंने उसे बाद में करने को कहा पर वो नहीं माना और मुझे भैंसों के बीच मे घोड़ी बनाकर करने लगा। फिर उसने कई देर तक किया। फिर वो झड़ गया तो मैं खड़ी हुई। फिर मैं और नौकर जैसे ही पीछे मुड़े तो सामने भुआ खड़ी हँस रही थी। भुआ को देखकर मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई। फिर मैं भुआ से बोलने लगी के ये ज्यादा गर्म हो गया था और मैं भी थोड़ी गर्म थी और वैसे भी हम औरत मर्द हैं तो हमने कर लिया। फिर भुआ मुस्कुराने लगी और पूछने लगी के इसके साथ पहली बार था क्या। फिर मैं बोली के नहीं। फिर भुआ बोली के पहले काम कर लो बाद में बात करते हैं फिर भुआ तो चली गई और मैं जल्दी से दूध निकालने लगी। नौकर मेरे पास ही खड़ा रहा फिर मैं उसे तो क्या कहती फिर मैं दूध निकालकर जल्दी स्व अंदर आ गई और फिर सबने नहाकर कपड़े पहन लिए थे तो फिर मैंने भी कपड़े पहन लिए। फिर लोग वगेरह आने लगे तो हम उनकी सेवा चाकरी में लग गए। फिर दोपहर के टाइम भुआ कमरे से बाहर आई और मुझसे पेशाब करके आने को कहा तो मैं उनके साथ पीछे जाने लगी। फिर मैं और भुआ पेशाब करके नौकर के कमरे में चली गई। नौकर तो तब था नहीं वहाँ। फिर भुआ मुझसे नौकर के बारे में पूछने लगी। फिर मैं उन्हें सब बताने लगी। मैंने उन्हें बताया के पहले पति ही करते थे। फिर पति के बाद सास और पति के कहने पर मैंने राज से शादी कर ली। फिर राज मुझसे करने लगे। फिर पति घर पर आते तो मैं उनके साथ अलग अलग तो कैसे सोती। फिर हम तीनों साथ मे सोने लगे और वो दोनों मुझसे खूब करते। फिर राज मुझे खेत में ले जाते तो मुझे वहाँ नंगी कर लेते और फिर मन करता तब करते। फिर हम काफी खुल गए तो एक दिन राज ने मुझे नौकर के सामने ही नंगी कर लिया और करने लगे। फिर मैं भी नौकर के सामने खुल गई तो फिर मैं भी उसके सामने राज स्व खुलकर करने लगी। फिर राज सास के सामने भी मुझे नंगी कर लेते और खुद नंगे हो जाते और मुझसे कर लेते। फिर सास पहले तो कुछ बोल देती थी लेकिन फिर उन्होंने भी बोलना छोड़ दिया। फिर पति आये हुए होते तो मैं पति और राज के साथ खेत में चली जाती वहाँ वो मुझे नंगी रखते और दिन भर करते रहते। फिर एक दिन मैं पति और राज से कर रही थी तो राज ने नौकर को भी वहाँ बुला लिया और नंगा हो जाने को कहा। फिर नौकर नंगा होकर बैठ गया और अपना लंड हिलाने लगा। फिर पति और राज मुझसे कर लेते फिर पति और राज नौकर से मेरी चूत चुसवाने लगे। इसमें मुझे भी काफी मजा आने लगे। फिर मैं घर पर पीछे की तरफ जाती काम वगेरह करने तो नौकर के सामने नंगी हो जाती कई बार।

फिर कुछ दिन बाद मैं पति और राज के साथ खेत में कर रही थी और नौकर भी वहीं बैठा था। फिर राज और पति तो मुझसे करके बैठ गए थे और नौकर मेरे सामने ही बैठ कर अपना लंड हिला रहा था। फिर मैं भी उसे देखकर अपनी चूत सहलाने लगी। फिर मैंने पति और राज की तरफ देखा तो उन्होंने मुझे इशारों से नौकर का लंड लेने के लिए इजाजत दे दी। फिर मैंने नौकर को अपने पास बुलाया और उसे अपना लंड मेरी चूत में डालने के लिए कहा तो वो अपना लंड मेरी चूत में डालकर करने लगा। फिर नौकर मेरी चूत में ही झड़ गया। मुझे नौकर से करता देख पति और राज काफी ज्यादा गर्म हो गए। फिर वो मुझसे करने लगे। उस दिन उन तीनों ने मिलकर मुझे कई बार चोदा। फिर उसके बाद तो मैं खेत में जाकर नंगी हो जाती और तीनों से चुदवाती। फिर घर पर जब मैं पीछे जाती काम करने तो नौकर मेरी सलवार खोल कर मुझसे वहीं करना शुरू कर देता। फिर कई बार हम उसके इस कमरे में करते। फिर पति ड्यूटी पर चले जाते और राज भी कहीं गए होते तो मैं रात को नौकर के साथ आकर सो जाती और खूब चुदाई करवाती। फिर कई बार तो वो तीनो मुझसे एक साथ करते। एक जना मेरी गाँड में करता एक चूत में तो एक मेरे मुँह में डाल देता। ऐसे हम काफी मजे करते। राज बोले के ये नौकर अपने यहाँ ही काम करता हैं बाहर त कहीं जाता नहीं हैं तो ये किसको बताएगा। बस फिर मैं पीछे काम करने आती हूँ तो पहले इससे चुदती हूँ फिर काम करती हूँ। सुबह शाम और कई बार तो दोपहर को भी कर लेती हूँ।

मैंने एक सांस में ही सब भुआ को बता दिया। फिर मैं भुआ से बोली के अब आप सोच रहे हो के कैसी औरत हूँ मैं जो नौकर से भी चुद ली। लेकिन फिर जो भुआ ने बोला उससे मेरा दिल खुश हो गया। भुआ ने बोला के अगर राज और तेरे पति को कोई दिक्कत नहीं हैं तो तुम चाहो किससे भी चुदो और वैसे भी वो दोनों तो अब ज्यादा मुझसे और भाभी से ही चिपके रहते हैं। तो तूम भी अगर किसी और से कर लो इसमें क्या दिक्कत हैं। मैंने कहा के हाँ भुआ सही बात हैं। फिर मैं और भुआ काफी देर तक बातें करते रहे। हम काफी सेक्सी बातें कर रहे थे तो हमने अपनी सलवार खोल रखी थी और अपनी चूत सहला रही थी। फिर इतने में नौकर अंदर आ गया। फिर वो हमें देख के वापिस जाने लगा तो मैंने उसे रोक लिया। फिर मैंने भुआ से कहा के आप जाइए मैं थोड़ी देर में आती हूँ। फिर भुआ हँसने लगी और बोली के आज तो तुम्हें मेरे सामने इससे करना पड़ेगा। मैं बोली के आपके सामने मुझे शर्म आएगी। फिर भुआ बोली के तुझे शर्म कब से आने लग गई। फिर मैं बोली के ठीक है। फिर मैंने नौकर से कमरे का गेट बंद करने को कहा। फिर उसने गेट बंद किये इतने में मैं नंगी हो गई और नौकर के बिस्तर पर लेट गई। फिर मैंने नौकर को भी नंगा होकर आने को कहा। फिर वो भी नंगा होकर आ गया। फिर मैं उसका लंड हिलाने लगी तो कुछ ही देर में उसका लंड खड़ा हो गया। फिर मैंने पहले उससे अपनी चूत चुसवाई और फिर वो मेरी चूत में लंड डालकर करने लगा। मैं काफी जोर जोर से और काफी सेक्सी सिसकारियां लेने लगी। भुआ भी हमें देखकर एक हाथ से अपने बूब का निप्पल और एक हाथ से चूत सहला रही थी। फिर मैं घोड़ी बन गई और उससे पीछे करवाने लगी। फिर नौकर कुछ देर तक करता रहा। फिर नौकर झड़ने वाला हुआ तो उसका लंड मैंने मुँह में ले लिया और चूसने लगी। फिर नौकर झड़ने लगा तो मैं उसका सारा पानी पी गई। फिर नौकर निढ़ाल होकर बिस्तर पर सो गया। फिर मैं खड़ी हुई और भुआ के बूब दबाने लगी। फिर मैं नीचे बैठकर भुआ की चूत चूसने लगी तो भुआ झड़ने लगी तो मैं उनका भी पानी पी गई। फिर भुआ मुझसे बोली के तू काफी गर्म मिजाज की औरत हैं। फिर मैं और भुआ एक दूसरे की तरफ देखकर मुस्कुराई और फिर हम कपड़े पहनने लगी। फिर हम अंदर चली गई।

अगले भाग में बताऊंगी के राज ने हम सबके सामने सास की चुदाई कैसे की......

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