दाई तो अपने रिश्तेदार के यहाँ चली गई थी। वहाँ किसी की डिलीवरी करवानी थी। फिर घर पर हम चारो ही रह गए थे। फिर पति मेरे लिए जो ड्रेस और ब्रा पैंटी वगेरह लाए थे तो वो सब मैं सबको दिखाने लगी। कुछ मैगज़ीन लाये थे जिसमें नंगी लड़कियों के फोटो और कुछ हिंदी में लिखी चुदाई की कहानियां भी थी। जो ब्रा पेंटी थी वो ट्रांसपेरेंट थी जिसमें से सब कुछ दिखता था। फिर वो मम्मी ने पहनी तो उसकी फिटिंग मम्मी के शरीर के हिसाब से ही थी तो वो मम्मी पर बिल्कुल फिट आई थी और मम्मी उसमें बहुत सेक्सी लग रही थी। फिर एक दो ड्रेस भी मम्मी ने पहनी तो वो भी मम्मी पर बहुत जच रही थी। फिर मैंने भी एक दो ट्राय की। फिर हम सब वो मैगज़ीन देखने लगे। जिसमे ग्रुप सेक्स की फ़ोटो ज्यादा थे। एक लड़की 3-4 लन्डो के साथ खेल रही थी उनके साथ मस्ती कर रही थी। ये देखकर हम काफी गर्म हो गए थे। फिर मम्मी ने पापा और रामू के लन्ड पकड़ लिए और उनके साथ खेलने लगी। फिर जैसा उन मैगज़ीन में दिखाया था मम्मी वैसे ही पापा से करने को बोली।
फिर पापा खुद नीचे लेट गए और मम्मी को अपने ऊपर उल्टा लेटा लिया और फिर अपना लन्ड मम्मी की चूत में डाल दिया तो मम्मी पापा के लन्ड पर बैठ गई। फिर पापा ने मम्मी को अपने ऊपर लेटा लिया और उनके बूब चूसने लगे। फिर पापा ने अपने हाथों से मम्मी की गाँड फैला ली और रामू को गाँड में डालने का इशारा किया तो रामू ने गाँड में डाल दिया और फिर पापा और रामू मम्मी को चोदने लगे एक साथ तो मम्मी को भी काफी मजा आने लगा। मम्मी पापा के ऊपर घोड़ी बनी हुई थी और पापा और रामू मम्मी को लगातार चोदे जा रहे थे। ये सीन देखकर तो मैं भी काफी गर्म हो गई थी। फिर कुछ देर बाद पहले पापा और फिर रामू झड़ गया तो मम्मी पापा के ऊपर ही सो गई और आराम करने लगी। फिर मम्मी बेड पर लेट गई तो मैंने मम्मी से पूछा के कैसे लगा तो मम्मी बोली के इतना मजा आया के बता नहीं सकती। मम्मी ऐसा बोली तो फिर मैं और ज्यादा गर्म हो गई और मम्मी के ऊपर आ गई और उनकी बॉडी चूमने लगी और फिर उनकी चूत चूसी फिर उनकी चूत से अपनी चूत रगड़ने लगी और फिर झड़ गई। फिर मम्मी फिर से गर्म हो गई थी और पापा और रामू भी।
फिर उन्होंने दूसरा राउंड चालू किया। इस बार रामू नीचे और पापा पीछे थे। फिर उन्होंने काफी देर तक किया इस बार। वो दोनों मम्मी से जोर जोर से कर रहे थे तो मम्मी की पूरी बॉडी काफी हिल रही थी। फिर वो झड़ गए तो मम्मी रामू के ऊपर सो गई और पापा साइड में। फिर मैं पापा के पास चली गई तो पापा मुझसे लिपटकर सो गए। फिर मैं और पापा भी सो गए। फिर कुछ देर बाद मम्मी उठी और सबके लिए चाय बनाकर ले आई। फिर मैं और पापा वो कहानियों वाली किताब पढ़ने लगे। जिसमे जीजा-साली, देवर-भाभी और कई रंडियों की कहानियां थी। कुछ कहानियों में औरत किसी आदमी को ब्लैकमेल करती हैं और फिर उससे चुदाई करवाती हैं। इस टाइप की उसमे काफी कहानियां थी। मैंने कुछ कहानियां पढ़ी तो इतने में ही मेरा तो पानी छूट गया। पापा का भी यही हाल था। फिर मैंने एक दो कहानी मम्मी को भी सुनाई तो मम्मी ने भी खूब मजे लेकर सुनी।
फिर मैं, मम्मी और रामु काम मे लग गए। रामू ने पशुओ को चारा डाल दिया और फिर मैं उनका दूध निकालने लगी। मम्मी वहीं चारपाई पर बैठी थी तो रामू भी मम्मी के पास जाकर बैठ गया और दोनों एक चूमा चाटी करने लगे। मैं साथ में उन्हें देख रही थी और साथ मे दूध निकाल रही थी। फिर मैं दूध निकाल कर ले आई तो मैं और मम्मी अंदर चली गई और रामू वहीं काम करने लगा। फिर मम्मी मुझे मेरा मोटापा कम करने के बारे में बताने लगी। मेरे पेट पर स्ट्रेच मार्क पड़ गए थे वो भी हटाने थे मुझे। तो मम्मी बोली के इसके बारे में तो किसी से पूछना पड़ेगा। फिर हमने खाना बनाया और साथ में बातें करती रही। फिर मैंने और मम्मी ने पापा से इस बारे में बात की तो वो बोले के शहर में कई वेद हैं उनसे पूछेंगे इसके बारे में। फिर मैं बोली के ठीक है। फिर हम खाना खाकर बाहर चौकी पर आ गए।
फिर पापा मुझसे करने लगे और रामू मम्मी से। फिर रामू और पापा ने मम्मी से एक साथ किया । पापा ने कहा के कल ही शहर चलेंगे तो घर का काम वगेरह जल्दी उठकर कर लेना। फिर मम्मी बोली के ठीक है। फिर हम सो गए।
सुबह हम जल्दी उठे और जल्दी से काम करके जाने के लिए तैयार हो गए। मम्मी पहले से पतली हो गई थी तो उनके सब सूट ढीले हो गए थे। फिर मम्मी ने अपने कुछ सूट वापिस से टाइट किए घर पर ही तो वो कुछ ज्यादा ही टाइट हो गए थे। उस दिन मम्मी ने वो टाइट सूट ही पहना था जिसमे मम्मी की बॉडी काफी सेक्सी दिख रही थी। मैंने भी सूट पहना था। फिर हम पहले तो मार्केट गए और वहाँ से कुछ घर का सामान लिया और मैंने और मम्मी ने थोड़ी शॉपिंग की। हमने कुछ सूट लिए और जवैलरी ली और मेकअप का सामान लिया। फिर हम उस वेद के पास गए। वो वेद शहर से थोड़ा बाहर की साइड रहता था। उसका मकान पुराने टाइप का था। हम गए तब वहाँ थोड़े ही लोग थे जो दिखाने के लिए आये हुए थे। फिर हमारा नंबर आया तो हम उठके एक कमरे में चले गए और जाकर बैठ गए। वो वेद बूढ़ा था। फिर पापा ने उससे पहले मेरे बारे में पूछा। फिर उसने स्ट्रेच मार्क हटाने के लिए कुछ चीजें लिखवाई और फिर उसकी क्रीम बनाके लगाने को कहा। फिर पापा ने उससे सेक्स पावर बढ़ाने और ज्यादा देर तक सेक्स करने वाली दवाई पूछी। तो उसने पहले पुरुषों वाली दवाई दे दी। फिर पापा ने मम्मी की और इशारा करते हुए दवाई मांगी तो उसने फिर दूसरी दवाई दे दी।
फिर पापा ने उससे बूब टाइट करने के बारे में पूछा तो उसने एक ऑइल की शीशी दे दी और मसाज़ करने का तरीका बताने लगा। फिर पापा ने उसे पैसे दिए और हम वहाँ से आ गए औऱ घर जाने लगे। थोड़ी देर में हम घर पहुंच गए। तब तक दोपहर हो चुकी थी। हार्दिक को मैं घर पर ही छोड़ कर गई थी तो वो रो रहा था और रामू उसे चुप करवा रहा था पर वो रोये ही जा रहा था। फिर मैंने उसे दूध पिलाया तो वो चुप हुआ। फिर हम सो गए।
मैं तो सोई ही थी फिर पापा और रामू मम्मी से कर रहे थे तो उनकी आवाजें सुनकर मुझे जाग आ गई। फिर मैं उन्हें कुछ देर तो देखती रही और फिर उठकर चाय बनाने चली गई। चाय बनाकर लाई तब तक वो कर चुके थे तो तब मम्मी रामू की गोद में बैठी थी और रामू मम्मी के बूब दबा रहा था। फिर हम चाय पीने लगे। चाय पीने के बाद मैं पापा के साथ बैठ गई और उनका लंड सहलाने लगी। पापा चुदाई की कहानियों वाली किताब पढ़ रहे थे। फिर पापा बताने लगे उस कहानी के बारे में के कैसे एक औरत आदमी को अपना बदन दिखाकर वश में करती हैं और फिर उससे मजे लेती हैं। फिर मम्मी और रामू तो पीछे की तरफ चले गए और मैं और पापा वहीं बैठे रहे। मैं और पापा गर्म हो गए थे तो पापा मुझसे करने लगे। वो कर रहे थे तब मैं काफी सेक्सी आवाजें निकाल रही थी। तो पापा ये सुनके और ज्यादा जोश में आ गए और जोर से करने लगे। फिर वो मेरी गाँड में झड़ गए। फिर मैं तो बाहर आ गई और वेद की बताई वो क्रीम बनाने लगी। पापा वहीं बैठे बैठे कोई दूसरी कहानी पढ़ने लगे।
अगले भाग में बताऊंगी के मेरी नौकरी कैसे लगी औऱ नौकरी के लिए मैंने और पापा ने क्या किया.....
मेरी नौकरी


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