मेरी डिलीवरी हो गई तो कुछ दिन बाद मैं चलने फिरने लगी। अब भी मैं नंगी ही रहती थी। दाई का मन हमारे घर पर लग गया था तो वो और मम्मी सारा दिन बातें करते रहते। पापा भी अब अंदर आ जाते थे मुझे और बेटे को देखने। लेकिन फिर भी मैं कुछ नहीं पहनती और नंगी ही सोई रहती या घूमती रहती। मम्मी भी नंगी ही रहती। पापा आये हुए होते तो दाई दूसरी तरफ मुँह करके वहीं बैठी रहती और वो वैसे ही पापा से कुछ बात करनी होती तो वैसे ही करती। मम्मी भी नंगी ही या तो पापा के साथ बैठी रहती या मेरे साथ बैठी रहती या सोई रहती बेड पर। पापा भी मौके का फायदा उठाते और वो बातें करते मम्मी और मेरी बॉडी से खेलते रहते। फिर मम्मी के कहने पर पापा दिन में कमरे में ही हमारे साथ सोने लगे। पापा और मम्मी मेरे साथ बेड पर सो जाते और दाई चारपाई पर सो जाती। मेरा बेटा तो पालने में सोया रहता था और में दाई वाली साइड सोती फिर मेरे साथ मम्मी और फिर पापा सोते थे। पापा लूँगी में ही होते तो मम्मी उनकी लूँगी खोल देती और उनके लंड हो अपने हाथ में लेकर सहलाती रहती। ये सब में और दाई देखती रहती और एक दूसरे की तरफ मुस्कुरा देती। पापा और मम्मी गर्म हो जाते थे तो मम्मी मेरी तरफ मुँह करके सो जाती और पापा पीछे से लंड डालकर करने लग जाते। मम्मी ये भी नहीं देखती के हम भी सोये हैं पास में और वो पापा से करते टाइम मुँह से आवाजें निकालती रहती।

पापा मम्मी से कर रहे होते और मम्मी मेरी तरफ करवट लेकर सोई होती तो मम्मी मेरे बूब दबाने लगती और मेरी चूत भी सहलाने लगती। फिर पापा मम्मी के ऊपर आकर करते तो मम्मी अपने पूरे पैर फैला लेती और मजे से करती। पापा मम्मी से ऐसे करते तो मैं मम्मी की चूत अपने हाथ से थोड़ा सहलाती रहती और पापा का लंड अंदर बाहर होता रहता। दाई भी ये सब देखकर और सुनकर गर्म हो जाती थी। कई बार पापा मम्मी से करके बाहर चले जाते तो मम्मी वैसे ही पैर फैलाये सोई रहती थी और दाई उठकर हमारे पास आ जाती और वो भी नंगी हो जाती और फिर मम्मी की चूत से अपनी चूत रगड़ने लग जाती थी। फिर मम्मी ने दाई को मेरे बारे में बताया के ये भी बेचारी चुदाई के बिना तड़पती रहती। वो तो फ़ौज में हैं तो काफी दिनों से ही घर पर आते हैं। दाई बोली के मुश्किल ही हैं। फिर मम्मी बोली के मुश्किल कुछ नहीं हैं एक बार इसके पापा ने मुझे समझकर इससे कर लिया। फिर इसने कुछ नहीं बोला तो फिर ये रोज करने लगे। फिर मैंने सोचा के ये और किसी बाहर के मर्द से करे इससे अच्छा है इनसे ही कर ले। ये सुनकर दाई बोली के ठीक किया घर की बात घर में ही रहे तो अच्छा है। फिर मैं और मम्मी पापा को अपने बीच में सुलाने लगे। दाई को सब बता दिया तो कुछ डर नहीं था अब हम खुलकर कर सकते थे। ये बात हमने पापा को भी बता दी तो वो भी निश्चिंत हो गए। फिर पापा ज्यादा मुझसे चिपक कर सोते और मैं भी उनका लंड सबके सामने ही सहलाती रहती। 

पापा भी अब दाई के सामने मेरे बूब सहलाते कभी दूध पीने लगते और कभी मेरी चूत पर हाथ फेरने लगते। फिर पापा मम्मी को घोड़ी बनाकर करने लगे। फिर पापा मुझसे भी ऐसे ही करने लगे और हम दाई के सामने काफी खुलकर करते। बेचारी दाई का भी बुरा हाल हो जाता था। फिर रात को भी हम सब चौकी पर एक साथ सोने लगे। पापा और मम्मी तो एक चारपाई पर सोते और मैं और मेरा बेटा एक साथ और दाई अलग चारपाई पर सोती। मैं पापा के साथ सोती तो मम्मी मेरी वाली चारपाई पर सो जाती। तब लाइट तो कम ही रहती थी और तब गर्मी का टाइम था तो गर्मी भी काफी लगती थी। हम तीनों तो नंगे ही सोते पर दाई कपड़ों में ही होती। फिर मम्मी बोली के तुम्हें रात को कौन देखता हैं नंगी हो के सो जाया करो। पर दाई खुद नंगी होकर नहीं सोई। तो एक दिन पापा मुझसे कर रहे थे तो मम्मी दाई वाली चारपाई पर चली गई और दाई को उठाकर उसके कपड़े खोलने लगी। तब अंधेरा था पर चाँद की रोशनी में कुछ कुछ दिख रहा था। फिर दाई को नंगी करके सुला दिया और मम्मी उसके पैरों के बीच आ गई और उसके पूरे पैर फैलाकर चूत से चूत रगड़ने लगी। फिर पापा झड़ गए तो मैं तो जाकर बेटे के साथ सो गई और मम्मी दाई के साथ ही सो गई। 

सुबह मेरा बेटा रोने लगा तो मुझे जाग आ गई और मैं उसे दूध पिलाने लगी। तब दिन थोड़ा थोड़ा निकल गया था तब मैंने देखा के दाई मम्मी के ऊपर सोई हैं। फिर मैंने बेटे को दूध पिलाया और खड़ी होकर पापा के पास चली गई। पापा सीधे सोये थे तो उनका लंड खड़ा था फिर मैं जाकर उनका लंड सहलाने लगी तो पापा भी जाग गए। फिर मैंने पापा को भी वो नजारा दिखाया तो पापा भी देखते रह गए। फिर पापा बैठ कर देखने लगे और मुझसे बोला के दाई के कपड़े अंदर रख आओ। तो मैं उनके पास गई और दाई के कपड़े लेकर अंदर कमरे में छोड़ आई। ऐसा करते हुए मुझे काफी हंसी आ रही थी। फिर थोड़ी देर बाद मम्मी को जाग आई तो उन्होंने दाई को अपने ऊपर से उतारा और चारपाई पर सुला दिया। फिर दाई सीधी सोई थी तो उसका सब कुछ दिख रहा था। फिर मम्मी ने हमारी तरफ देखा तो हमने दाई की तरफ इशारा किया तो उन्हें भी सब समझ आ गया और वो भी हँसने लगी। फिर ओढ़ने के लिए जो चद्दर वगैरह थी वो भी अंदर छोड़ आई और चाय बनाकर ले आई। फिर मैंने और मम्मी ने दाई को जगाया तो दाई पहले तो आराम से उठी और फिर वो हड़बड़ाकर अपने बूब ढँकने लगी और अंदर जाने लगी तो मम्मी ने उसे पकड़कर वहीं बैठा लिया और कहा के अब कोई फायदा नहीं। सबने सब कुछ देख लिया। वो मेरे और मम्मी के बीच में बैठी थी नीची गर्दन करके और सामने पास ही पापा बैठे थे नंगे ही। फिर मम्मी ने उसे चाय दी पर उसने नहीं पी। फिर मम्मी ने उसके हाथ बूब से हटाकर पीछे कर दिए और उसके बूब सहलाने लगी। फिर मैं भी उसकी चूत सहलाने लगी। दाई फिर आँखे बंद करके बैठी रही।

फिर मम्मी ने दाई को चारपाई पर सुलाकर उसके पैर फैलाकर चूत से चूत रगड़ने लगी। कुछ देर बाद दाई भी साथ देने लगी। पापा और मैं ये सब देखकर अपना लंड और चूत सहला रहे थे। फिर मम्मी ने पापा की तरफ इशारा करके उन्हें पास बुलाया और जब पापा पास चले गए तो मम्मी साइड हो गई और पापा से करने को कहा। फिर पापा तो काफी खुश हुए और वो अपना लंड डालने लगे तो दाई ने आँखे खोल ली और पापा को सामने देखकर हाथ पैर मारने लगी पर पापा के सामने उसकी एक ना चली। फिर पापा ने अपना पूरा लंड डाल दिया तो उसकी चूत से खून आने लगा। पर पापा रुके नहीं और करते रहे। वो काफी टाइम बाद कर रही थी तो उसे दर्द हो रहा था पर पापा नहीं रुके। कुछ देर बाद वो अपने आप पापा का साथ देने लगी। फिर पापा उसके बूब चूसने लगे और उससे किसिंग करने लगे। फिर पापा झड़ गए तो पानी उसके अंदर ही डाल दिया और उसके ऊपर ही सो गए। फिर पापा उसकी बॉडी को चूमने लगे तो कुछ देर बाद पापा का फिर खड़ा हो गया तो पापा ने इस बार उसे घोड़ी बना लिया और वो चुपचाप बन गई। फिर पहले तो उसकी चूत में डालकर किया और फिर उसकी गाँड में डाल ने लगे तो दाई ने फिर थोड़ा सा विरोध किया लेकिन पापा ने डाल दिया। फिर मम्मी दाई के सामने जाकर नीचे ही बैठ गई और उसे कहने लगी के एक बार दर्द होगा फिर तो बहुत मजा आएगा। तब दाई का मुँह देखने वाला था। फिर दाई जोर लगाने लगी तो पापा को लंड डालने में दिक्कत हो रही थी फिर मम्मी ने जोर नहीं लगाने को कहा दाई से। फिर दाई ने जोर नहीं लगाया तो पापा का लंड आराम से जाने लगा। फिर पापा करने लगे और कुछ देर बाद झड़ गए। पापा ने लंड बाहर निकाला तो दाई ने फिर जोर लगाया और उसकी लैट्रिन बाहर आ गई। पापा के लंड पर भी काफी लैट्रिन लग गई थी। दाई के तो आँसू निकल गए थे। फिर दाई वैसे ही सो गई खून और लैट्रिन से भरी हुई। फिर पापा तो उठकर अंदर चले गए। फिर मैंने और मम्मी ने दाई को सहारा देकर उठाया और अंदर ले जाने लगी। फिर हमने दाई को नहलाया और फिर कमरे में ले जाकर सुला दिया। तब तक काफी धूप निकल गई थी। फिर मैं दाई के साथ ही सो गई और मम्मी बाहर जाकर काम करने लगी। दाई की चूत फूल गई थी और शेव की हुई थी तो काफी प्यारी लग रही थी। फिर दाई को नींद आ गई। दाई को बुखार हो गया था तो मैंने उन्हें टेबलेट वगैरह दी। फिर मम्मी ने खाना वगैरह बना लिया तब दाई को उठाया तो मम्मी ने दाई से बोला के तुम्हें मर्द की जरूरत थी तो वो जरूरत मैंने पूरी करदी। मम्मी बोली के ये बात हम तक ही रहेगी बाहर किसी को पता नहीं चलेगा। फिर मम्मी बोली के तुम कब तक तड़पती रहती अब खूब मजे लेकर करो शर्माना मत बिल्कुल भी। फिर मम्मी मुस्कुराने लगी तो फिर दाई भी मुस्कुराने लगी और फिर हम हँसने लगे। फिर मम्मी बोली के ऐसा करना जरूरी था तुम्हे बुरा लगा तो माफ करना। फिर दाई बोली के कोई बात नहीं। फिर मम्मी बोली के उन्हें भी बुला ले क्या यहीं तो दाई कुछ नहीं बोली तो मम्मी ने पापा को बुला लिया। फिर पापा नंगे ही आकर मम्मी और दाई के बीच में आकर बैठ गए। फिर पापा ने दाई को अपने गले से लगा लिया और बोले के तुम्हारे साथ ऐसा नहीं करना चाहता था। फिर पापा उसे अपने हाथ से खिलाने लगे तो वो खाने लगी। 

फिर खाना खाने के बाद हम सब साथ ही बेड पर सो गए। मैं पापा के ऊपर सोई थी। दाई गरीब घर से थी। उसका एक बेटा था वो भी थोड़ा कम दिमाग का था और लोगों की दिहाड़ी मजदूरी करता था। फिर दाई बोली के हम किराए के घर मे रहते हैं मेरा बेटा भी भोला हैं तो लोग उसका फायदा उठाते हैं। आप उसे अपने यहाँ काम पर रख लीजिए और मैं भी आपको काम वगैरह करवा दिया करूँगी। आप हमें यहाँ रख लीजिए। दाई बोली के मैं तो डिलीवरी करवाने चली जाऊँगी आप मेरे बेटे का ख्याल रखना तो पापा बोले के तुम फिक्र ना करो और यहाँ आ जाओ रहने के लिए। फिर मम्मी बोली के हाँ यहाँ रहो आराम से और मजे करो। ये सुनकर हम हँसने लगे। फिर पापा ने मुझे बेड पर सुलाया और वो उठकर हमारी चूत चूसने लगे और पानी पीने लगे। फिर उन्होंने बारी बारी से हमसे किया और फिर वो दाई की चूत में झड़ गए। 

अगले भाग में बताऊंगी के आगे क्या क्या हुआ जब दाई का बेटा हमारे घर आया और मम्मी ने उससे कैसे किया......

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